कैंसर पीड़ित 73 वर्षीय विधवा ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार, चंडीगढ़ में अपनी संपत्ति बेचने की अनुमति मांगी

संपत्ति के हिस्सों की बिक्री पर लगी रोक से इलाज और सम्मानजनक जीवन जीने में आ रही परेशानी

चण्डीगढ़ : चंडीगढ़ में संयुक्त संपत्तियों के हिस्सों की बिक्री पर लगी रोक का मामला अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गया है। सेक्टर-15 बी स्थित मकान नंबर 1010 की 73 वर्षीय मालकिन पूजा भारत कपूर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर इस मामले में मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करने की अपील की है।

कैंसर से जूझ चुकीं पूजा भारत कपूर ने अपने पत्र में बताया कि वह कैंसर सर्वाइवर हैं और उपचार के बाद होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी शारीरिक गतिशीलता भी सीमित हो गई है। उनके पति का निधन हो चुका है और वह अपनी देखभाल, इलाज तथा सम्मानजनक जीवन के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही हैं।

राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2016 में पंजीकृत सेल डीड के माध्यम से मकान नंबर 1010, सेक्टर-15 बी, चंडीगढ़ में एक निर्धारित हिस्से का कानूनी स्वामित्व हासिल किया था। उनका कहना है कि यह संपत्ति जनवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले खरीदी गई थी और चंडीगढ़ प्रशासन ने भी उनके स्वामित्व को मान्यता दी थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के 10 जनवरी 2023 के फैसले के बाद चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा 9 फरवरी 2023 को जारी सार्वजनिक नोटिस की व्याख्या के चलते परिवार से बाहर के लोगों को संपत्ति के हिस्से हस्तांतरित करने पर प्रभावी रोक लग गई है। इसके कारण वह अपनी कानूनी रूप से खरीदी गई संपत्ति का बाजार मूल्य प्राप्त करने में असमर्थ हैं।

पूजा कपूर ने राष्ट्रपति से सवाल उठाया है कि यदि किसी बुजुर्ग या गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को अपनी संपत्ति बेचने की अनुमति नहीं मिलती, तो वह अपने इलाज और देखभाल के लिए धन की व्यवस्था कैसे करेगा? उन्होंने यह भी सवाल किया कि संपत्ति के उत्तराधिकार, विरासत, वसीयत और उपहार देने के अधिकारों पर इस प्रतिबंध का क्या प्रभाव पड़ेगा। जिन लोगों का कोई कानूनी वारिस नहीं है, उनकी संपत्ति का भविष्य क्या होगा?

उन्होंने स्पष्ट किया कि वह चंडीगढ़ की विरासत और उसके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने के उद्देश्यों के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि अपनी पहले से खरीदी गई संपत्ति के कानूनी अधिकारों का उपयोग करने का अवसर चाहती हैं।

पत्र में उन्होंने दावा किया कि उपलब्ध कानूनी उपाय अपनाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली है। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांगों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित संपत्ति मालिकों के लिए विशेष मानवीय व्यवस्था बनाई जाए, ताकि वे विरासत संबंधी उद्देश्यों से समझौता किए बिना अपनी संपत्ति का मूल्य प्राप्त कर सकें।

इस अपील की प्रतियां प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक, यूटी के मुख्य सचिव, वित्त सचिव तथा चंडीगढ़ के उपायुक्त-सह-संपदा अधिकारी को भी भेजी गई हैं।

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