चंडीगढ़ कांग्रेस ने सुखना झील पर मनाया ‘ब्लैक डे’, ओपन हैंड के सामने काले कपड़ों में किया जोरदार प्रदर्शन

  • “ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो, लोकतंत्र की हत्या बंद करो” के नारों से गूंजा सुखना झील परिसर
  • रजनी पाटिल बोलीं—“विपक्ष की आवाज दबाना मोदी सरकार की तानाशाही मानसिकता का परिचायक”
  • एच.एस. लक्की का हमला—“एफआईआर और दमन से विपक्ष की आवाज नहीं दबेगी, ज्ञानेश कुमार को हटाना ही होगा”

चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने आज सुखना झील पर ‘ब्लैक डे’ मनाते हुए चुनाव आयोग और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ अनूठे एवं जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। चंडीगढ़ के प्रतीक ओपन हैंड के सामने चंडीगढ़ कांग्रेस के नेता और पार्षद काले कपड़े पहनकर और हाथों में प्लेकार्ड लेकर धरने पर बैठे। प्लेकार्ड पर “ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो”, “लोकतंत्र की हत्या बंद करो”, “झूठे मुकदमे बंद करो” जैसे नारे लिखे हुए थे।
प्रदर्शन के दौरान करीब आधे घंटे तक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की। पूरा सुखना झील परिसर “लोकतंत्र की हत्या बंद करो”, “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” और “ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो” जैसे नारों से गूंजता रहा।
इस प्रदर्शन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की चंडीगढ़ प्रभारी रजनी पाटिल, चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की, एआईसीसी सचिव चेतन चौहान और विदित चौधरी सहित कांग्रेस के सभी पार्षद मौजूद रहे।

रजनी पाटिल: विपक्ष की आवाज दबाना मोदी सरकार की तानाशाही मानसिकता

 

इस अवसर पर एआईसीसी की चंडीगढ़ प्रभारी रजनी पाटिल ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले दो दिनों से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन देशभर में लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कल प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस द्वारा जिस तरह का व्यवहार किया गया और जिस प्रकार सांसदों तक को चोटें आईं, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। यह घटना साफ दिखाती है कि मोदी सरकार विपक्ष की आवाज सुनने के बजाय उसे पुलिस और सरकारी तंत्र के जरिए दबाना चाहती है।
रजनी पाटिल ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। जनता के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि विपक्ष किसी गंभीर मुद्दे पर सवाल उठा रहा है तो सरकार को उसका जवाब देना चाहिए, न कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग और मुकदमे दर्ज करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन लोकतंत्र, संविधान और मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

एच.एस. लक्की: एफआईआर से डराने की कोशिश, लेकिन कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी

चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना इस बात का प्रमाण है कि सरकार विपक्ष के आंदोलन से बुरी तरह घबरा गई है।
उन्होंने कहा, “एफआईआर, पुलिस की कार्रवाई और दमन के जरिए विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कांग्रेस डरने वाली नहीं है। जब तक लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”
एच.एस. लक्की ने कहा कि आज पूरा विपक्ष एकजुट होकर मांग कर रहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाया जाए, ताकि देश के लोकतांत्रिक और चुनावी संस्थानों में जनता का विश्वास कायम रह सके।
उन्होंने कहा कि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जाने के गंभीर आरोपों को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन सवाल उठा रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इन सवालों का जवाब देने के बजाय आंदोलन को दबाने में लगी हुई है।
उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। लोकतंत्र में चुनाव आयोग पर जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है। यदि इस संस्था को लेकर विपक्ष और जनता के मन में संदेह पैदा हो रहा है, तो सरकार और चुनाव आयोग को सामने आकर जवाब देना चाहिए।”
लक्की ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “कांग्रेस लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ अपनी लड़ाई सड़क से लेकर हर लोकतांत्रिक मंच तक जारी रखेगी। आंदोलन को दबाने के लिए एफआईआर दर्ज करने से कांग्रेस की आवाज दबने वाली नहीं है।”

चेतन चौहान और विदित चौधरी ने भी सरकार को घेरा

एआईसीसी सचिव चेतन चौहान और विदित चौधरी ने भी प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है। विपक्ष एक गंभीर और जायज मुद्दा उठा रहा है और सरकार को उसका जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान दमन से नहीं, पारदर्शिता और जवाबदेही से होगा। सरकार और चुनाव आयोग को सामने आकर देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, न कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास करना चाहिए।

सभी कांग्रेस पार्षदों ने जताया जोरदार विरोध

प्रदर्शन में चंडीगढ़ कांग्रेस के सभी पार्षदों ने काले कपड़े पहनकर हिस्सा लिया और केंद्र की मोदी सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र किसी एक सरकार या राजनीतिक दल की जागीर नहीं है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और जनता के मताधिकार की रक्षा करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।
चंडीगढ़ कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक लोकतंत्र, मतदाता अधिकारों और चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जुड़े सवालों का जवाब नहीं मिलता, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

Please follow and like us:
Pin Share
YouTube
Pinterest
LinkedIn
Share