गाय पशु नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति में श्रद्धा, करुणा और जीवन का आधार( प्राण)है: गोपाल मणि

  • “गावो विश्वस्य मातरः” अर्थात गाय विश्व की माता है: गोपाल मणि महाराज

चंडीगढ़, ( )
श्री गोपाल गोलोक धाम, कैम्बवाला, चण्डीगढ़ में पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) के पावन अवसर पर सात दिवसीय ‘धेनुमानस गौ कथा’ का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर कथा व्यास, गो-गंगा कृपाकांक्षी पूज्य श्री गोपाल मणि जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गाय केवल एक साधारण पशु या जानवर नहीं है, बल्कि वह सनातन संस्कृति में श्रद्धा, करुणा और जीवन का आधार (प्राण) है। इसलिए गाय को कभी भी एक साधारण पशु के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
महाराज जी ने वेदों, महाभारत और सनातन परंपरा का हवाला देते हुए इसका धार्मिक महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि गौ माता समस्त संसार का पोषण करने वाली हैं और उनमें सभी आराध्य देवी-देवताओं का निवास स्थान है।
कथा व्यास ने वेद-पुराणों में वर्णित गौमाता की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे जन्म से लेकर मृत्यु तक होने वाले सभी संस्कारों में गौमाता से प्राप्त पंचगव्य का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल किया जाता है। इसके बावजूद हम आज भी गौमाता के संरक्षण के प्रति पूरी तरह सचेत नहीं हो रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि गाय की रक्षा के लिए काम कर रहे सभी संगठनों को एक मंच पर आकर गौमाता की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए, ताकि उनका उचित संरक्षण हो सके।
संत गोपाल मणि महाराज ने गौमाता का वैज्ञानिक महत्व बताते हुए कहा कि उच्च रक्तचाप (High BP) से पीड़ित व्यक्ति यदि श्रद्धापूर्वक गाय माता के शरीर पर 21 बार हाथ फेर ले, तो उसका रक्तचाप सामान्य होने लगता है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि आज के समय में गोमूत्र का प्रयोग बड़े पैमाने पर विभिन्न प्रकार की जीवनदायिनी औषधियां बनाने में किया जा रहा है। कथा से मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु को
कथा के दौरान आचार्य सीताशरण महाराज ने अपनी सुमधुर आवाज में भजनों के माध्यम से गौकथा की महिमा का गुणगान किया। वहीं, व्यास गौरांग शरण मणि जी ने भक्त प्रह्लाद की कथा के प्रेरक प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस पावन अवसर पर गौकथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में गौभक्त गौशाला पहुंचे।
इस धार्मिक समागम में ट्राइसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली) हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से आए सैकड़ों गौभक्तों ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ कमाया। इस विशेष मौके पर श्री गोपाल गोलोक धाम की समस्त कार्यकारिणी के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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