चंडीगढ़:-चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चंडीगढ़ कांग्रेस द्वारा बापूधाम कॉलोनी में विशाल मशाल मार्च निकाला गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर मतदाता सूचियों से पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की प्रक्रिया को लेकर लोगों में चिंता है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने मशाल मार्च के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करवाया।
मशाल मार्च का नेतृत्व कांग्रेस नेता मनोज लारा और उनकी पत्नी अनु ने किया। इस अवसर पर चंडीगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लक्की, कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी, चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस प्रधान दीपक लुबाना, कृष्ण सहित कांग्रेस के अनेक नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में बापूधाम कॉलोनी के स्थानीय निवासी मौजूद रहे। मशाल मार्च पूरे कॉलोनी क्षेत्र में निकाला गया और लोगों को मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया गया।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मत का अधिकार लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण नींव है। किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटना उसके लोकतांत्रिक अधिकार को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित सत्यापन एवं प्रक्रिया के सूची से न हटाया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एसआईआर के नाम पर मतदाता सूचियों में होने वाले किसी भी बदलाव को लेकर नागरिकों को पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि लोगों की आपत्तियों और दावों को गंभीरता से सुना जाए तथा मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
मशाल मार्च के दौरान स्थानीय लोगों ने भी अपनी चिंताएं कांग्रेस नेताओं के समक्ष रखीं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मार्च किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए।
मशाल मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा तथा मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
