चंडीगढ़, 27 जून 2026:
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शनिवार को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच)-32, चंडीगढ़ में उत्तरी भारत के पहले सरकारी क्षेत्र के समर्पित ‘एडल्ट एंड एल्डरली वैक्सीनेशन क्लिनिक’ (वयस्क एवं बुजुर्ग टीकाकरण क्लिनिक) का उद्घाटन किया।
यह क्लिनिक जीएमसीएच-32 के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा रोटरी क्लब चंडीगढ़ सेंट्रल के सहयोग से स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य वयस्कों और बुजुर्गों के लिए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की “हेल्दी एजिंग” अवधारणा को बढ़ावा देना है।
इस क्लिनिक में इन्फ्लुएंजा, टीडैप (टेटनस, डिप्थीरिया और पर्टुसिस), टायफॉयड, हेपेटाइटिस-ए, वैरीसेला, शिंगल्स (हर्पीस जोस्टर), न्यूमोकोकल रोग (PCV20) और हेपेटाइटिस-बी जैसी बीमारियों से बचाव के लिए टीके उपलब्ध कराए जाएंगे।
उद्घाटन अवसर पर राज्यपाल ने इस पहल को सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अग्रणी मॉडल बताते हुए कहा कि वयस्क एवं बुजुर्ग टीकाकरण स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल देश के अन्य हिस्सों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।
सामुदायिक चिकित्सा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सोनिया पुरी ने बताया कि जहां बाल टीकाकरण को नीति स्तर पर पर्याप्त महत्व मिला है, वहीं वयस्क और बुजुर्ग टीकाकरण अब तक अपेक्षाकृत उपेक्षित रहा है। उन्होंने कहा कि नया क्लिनिक व्यक्तिगत टीका परामर्श, आयु और सह-रोगों के आधार पर जोखिम मूल्यांकन, आजीवन डिजिटल टीकाकरण रिकॉर्ड, डिजिटल रिमाइंडर और टीकाकरण के बाद फॉलो-अप जैसी विशेष सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि विभाग भारत का पहला “एडल्ट एंड एल्डरली वैक्सीनेशन डिजिटल रजिस्ट्री” विकसित करने पर कार्य कर रहा है, जिसे Co-WIN और U-WIN प्लेटफॉर्म की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों के लिए आजीवन डिजिटल टीकाकरण रिकॉर्ड तैयार करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में वयस्क टीकाकरण सेवाओं को मजबूत करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बढ़ती बुजुर्ग आबादी को देखते हुए ऐसी पहल समय की जरूरत है और यह WHO के “डिकेड ऑफ हेल्दी एजिंग” विजन को आगे बढ़ाने में सहायक साबित हो सकती है।
