युवाओं के सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रहा है बैंकिंग क्षेत्र : आईपीबी

  • रोजगार और कौशल विकास को समर्पित आईपीबी ने पूरे किए 10 वर्ष

मोहाली 27 जून 2026: आज के समय में कौशल विकास और रोजगार सृजन देश की सबसे बड़ी जरूरत बन चुके हैं। ऐसे में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार और करियर के नए अवसर लेकर सामने आ रहा है। इसी सोच के साथ इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल बैंकिंग (आईपीबी) ने अपना 10वां स्थापना दिवस मोहाली में मनाया।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए 250 से अधिक बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जबकि 70 से अधिक पूर्व छात्र भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते अवसरों पर चर्चा की गई।

वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री नहीं, बल्कि उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल ही युवाओं को बेहतर रोजगार दिला सकता है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं के गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचने से प्रशिक्षित बैंकिंग पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है।

आईपीबी के संस्थापक एवं सीईओ गुरसिमरन सिंह ओबरॉय ने कहा कि बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का क्षेत्र आज देश के सबसे अधिक रोजगार देने वाले क्षेत्रों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन और बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के कारण आने वाले वर्षों में प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता और बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि संस्थान का लक्ष्य वर्ष 2030 तक एक लाख बैंकिंग पेशेवर तैयार करना है, ताकि देश की बढ़ती जरूरतों को पूरा किया जा सके।

कार्यक्रम में डीसीबी बैंक के कार्यकारी निदेशक कृष्णन श्रीधर सेशाद्रि, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के मनीष कुमार तथा बंधन बैंक के गौरव मल्होत्रा ने भी युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और बैंकिंग क्षेत्र के भविष्य पर अपने विचार साझा किए।

पिछले 10 वर्षों में आईपीबी ने 13,500 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया है तथा देश के 15 राज्यों में 35 केंद्र स्थापित किए हैं। संस्थान के हजारों पूर्व छात्र आज देश के विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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