मंडी गोबिंदगढ़, 14 अप्रैल: देश भगत यूनिवर्सिटी (डीबीयू) ने बैसाखी के अवसर पर एक विशेष स्कॉलरशिप योजना ‘बैसाखी वरदान – सेवा करने वाले हाथों को सशक्त बनाना’ की घोषणा की है। गुरुद्वारा साहिब पातशाही दसवीं, सेक्टर 8, चंडीगढ़ के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य सेवादारों और गुरुद्वारा स्टाफ की सेवा का सम्मान करना है।
यह स्कॉलरशिप विशेष रूप से गुरुद्वारा साहिब के कर्मचारियों और सेवादारों के बच्चों एवं आश्रितों के लिए है, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, पात्र विद्यार्थियों को डिप्लोमा, अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट सहित सभी यूजीसी-मान्यता प्राप्त नियमित पाठ्यक्रमों पर 25% स्कॉलरशिप दी जाएगी, जबकि ऑनलाइन लर्निंग (OL) और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कार्यक्रमों पर 50% स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी।
इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट से लेकर आर्ट्स, मीडिया और हॉस्पिटैलिटी तक विभिन्न विषयों को कवर करते हुए, यह योजना डिप्लोमा से लेकर पीएचडी स्तर तक के कार्यक्रमों के लिए लागू होगी, जिससे व्यापक शैक्षणिक पहुंच सुनिश्चित की जा सके। यह योजना यूनिवर्सिटी के निर्धारित पात्रता मानदंडों के तहत 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू होगी।
इस पहल पर बोलते हुए माननीय चांसलर डॉ. जोरा सिं ने कहा कि देश भगत यूनिवर्सिटी में हम ‘सेवा’ की भावना का सम्मान करने में दृढ़ विश्वास रखते हैं। ‘बैसाखी वरदान’ योजना के माध्यम से हम समाज की निस्वार्थ सेवा करने वाले लोगों के परिवारों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर प्रदान कर सेवा को सशक्तिकरण में बदलने की दिशा में एक विनम्र प्रयास कर रहे हैं।
इस अवसर पर, देश भगत विश्वविद्यालय (डीबीयू) के कुलाधिपति डॉ. जोरा सिंह ने ट्राइसिटी के विभिन्न विद्यालयों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को दस्तारें वितरित कीं। उन्होंने उपाध्यक्ष श्री डीपीएस चुघ, श्री भूपिंदर सिंह और श्री सतनाम सिंह (गुरुद्वारा साहिब पातशाही दसवीं, सेक्टर 8, चंडीगढ़) को छात्रवृत्ति से संबंधित दस्तावेज भी प्रदान किए। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम डीबीयू के समावेशी और मूल्य-आधारित शिक्षा के दृष्टिकोण को मजबूत करता है तथा समान अवसरों के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
देश भगत यूनिवर्सिटी ने सेवादारों के परिवारों के लिए शुरू की ‘बैसाखी वरदान’ स्कॉलरशिप योजना
