चंडीगढ़, 9 अगस्त। पंजाबी लेखक सभा चंडीगढ़ की ओर से कला परिषद के सहयोग से कला भवन में ‘सावण कवी दरबार’ आयोजित किया गया। इसमें चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से करीब तीन दर्जन कवियों ने भाग लिया।
सभा के अध्यक्ष दीपक शर्मा चनार्थल ने स्वागत भाषण में सभा की साहित्यिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए अतिथियों, कवियों और श्रोताओं का स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत नवनीत कौर मठाड़ू द्वारा शब्द ‘रंग रता मेरा साहिब, रवि रहिया भरपूर’ के गायन से हुई। इसके बाद लाभ सिंह लहली ने ‘चूड़ियां ले लो चूड़ियां’ और ध्यान सिंह काहलों ने ‘जिथे पत-पतनी दा जोर नहीं, उत्थे होर नरक दी लोड़ नहीं’ गीत प्रस्तुत किया।
सुभाष भास्कर, कृष्णा वर्मा, आरके सुखन, सुखविंदर सिंह सिद्धू, सरबजीत सिंह पड्डा, चरणजीत कौर बाठ, महेंद्र सिंह संधू, राज समद्धर, दर्शन तिउणा, राजिंदर कौर सराओ और शायर विंदर माजी समेत कई कवियों ने अपनी कविताएं, गीत और गजलें प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी।
प्रतम पारस गुरदासपुरी, हरभजन कौर ढिल्लों और सिमरनजीत कौर ग्रेवाल ने टप्पे, बोलियां और गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में रंग भर दिया। वहीं प्रवीण खिप्पल, हरजीत सिंह, अश्वनी मल्होत्रा, गुरनाम कंवर, अमरजीत कौर, हरप्रीत कौर, जगदीप नूरानी, कुलदीप कौर, सुरिंदर गिल, डॉ. ममता कालड़ा, बलविंदर ढिल्लों, रूप सिंह दियोल, गुरजंट सिंह, शीनू वालिया, रूहानियत, निर्वैर कौर, हरनाम सिंह डल्ला और गणेश दत्त सहित अन्य रचनाकारों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
मंच संचालन की जिम्मेदारी नवनीत कौर मठाड़ू और सभा के सचिव सुखविंदर सिंह सिद्धू ने संयुक्त रूप से निभाई। कार्यक्रम में हरबंस सिंह सोढ़ी, हरमिंदर सिंह कालड़ा, गुरनाम कंवर, हरमोहिंदर सिंह चट्ठा सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।
