पंचकूला 414 सीसी टीवी कैमरों में से 99 खराब, महीनों से बंद, करीब 1 करोड़ रुपये सालाना मेंटेनेंस के बावजूद पंचकूला की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर : मनोज अग्रवाल

जनता की सुरक्षा के लिए लगे कैमरे खुद निगरानी मांग रहे हैं, 27 प्रतिशत से ज्यादा सीसीटीवी बंद होना प्रशासनिक लापरवाही का प्रमाण
पंचकूला, 15 जून।
इंडियन नेशनल लोकदल के पंचकूला जिलाध्यक्ष शहरी मनोज अग्रवाल ने शहर की सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पंचकूला जैसे महत्वपूर्ण शहर में सुरक्षा के लिए लगाए गए 414 सीसीटीवी कैमरों में से 99 कैमरों का बड़ी संख्या में बंद होना चिंता का विषय है और यह प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है। पूरे हरियाणा प्रदेश में पंचकूला को एक सुरक्षित शहर माना जाता था लेकिन हाल की आपराधिक घटनाओं ने यह धारणा कमजोर कर दी है। एक तरह से प्रशासन ने जनता को अपराधी तथा अराजक तत्वों के रहमोकरम पर छोड रखा है।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि उपलब्ध सरकारी आंकडों के अनुसार शहर में कुल 414 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें मुख्य चौराहों के 99 कैमरे खराब या बंद पड़े हैं, जबकि 315 कैमरे ही काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब 27 प्रतिशत से अधिक कैमरों का बंद होना शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उल्लेखनीय है कि पूरे जिला पंचकूला में 473 कैमरे लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे अपराध रोकने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और वारदात के बाद जांच में पुलिस के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन जब इतने बड़े स्तर पर कैमरे काम नहीं करेंगे तो अपराधियों पर निगरानी कैसे रखी जाएगी और आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। पिछले दिनों सेक्टर 5 के नाइट क्लब तथा सेक्टर 4 हरीपुर में हुई गोलाबारी से साबित है कि पंचकूला शहर सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील बन चुका है।
इनेलो जिलाध्यक्ष ने कहा कि सीसी टीवी कैमरों के ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए करीब 1 करोड़ रुपये सालाना का प्रावधान किया गया था, इसका टैंडर हो चुका है इसके बावजूद यदि कैमरे खराब पड़े हैं तो यह जांच का विषय है कि आखिर जनता के पैसे का सही उपयोग क्यों नहीं हो रहा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि
सभी खराब सीसी टीवी कैमरों को तुरंत ठीक करवाया जाए।
कैमरों की वर्तमान स्थिति की सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाए।
पिछले वित्त वर्ष में सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव पर खर्च हुए पूरे बजट और भुगतान का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए।
लापरवाही बरतने वालों की जिम्मेदारी तय की जाए।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि पंचकूला को सुरक्षित शहर बनाने के लिए केवल योजनाएं और घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर मजबूत निगरानी व्यवस्था जरूरी है। जनता की सुरक्षा से जुड़े मामलों में इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं करेगी।

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