*चंडीगढ़, 27 अगस्त:*
चंडीगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा ने आज कहा कि भाजपा शासित चंडीगढ़ नगर निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है और आम नागरिक इसकी कीमत रोज चुका रहे हैं। । एक के बाद एक घटनाएं भाजपा के स्वार्थ और जनता के पैसों के दुरुपयोग की कहानी बयान कर रहे हैं और भ्रष्टाचार की यह सड़ांध जनता को बार बार बर्दाश्त करनी पड़ रही है
एक ताजा उदाहरण देते हुए शर्मा ने बताया कि 31 जुलाई को सदन ने बिना चर्चा, बिना नोटिस और लागत का स्पष्ट जिक्र किए लगभग 240-250 करोड़ रुपये के एजेंडे रातोंरात पास कर दिए। इनमें काजौली से सेक्टर-39 जल पाइपलाइन बदलने का 227 करोड़ रुपये का विशाल प्रोजेक्ट भी शामिल था। ये प्रस्ताव नगर निगम के वार्षिक अनुदान का लगभग एक-तिहाई हिस्सा थे। जब बिना बहस के मात्र कुछ सैकंडों में यह महंगे प्रस्ताव पारित हुए, तब तक अधिकांश पार्षद घर जा चुके थे।
शर्मा ने कहा कि विपक्ष के जोरदार विरोध के बाद महापौर को एजेंडे वापस लेने पड़े, जिन्हें बाद में सदन ने रद्द घोषित कर दिया। इस घटना ने बड़े प्रोजेक्टों में अनियमितताओं और कमीशन के नेटवर्क को लेकर जनता में संदेह और बढ़ा दिया है। इससे साफ हो गया है कि भाजपा ने नगर निगम जैसी संस्था को कितना खोखला कर दिया है।
उन्होंने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। शहर की जर्जर सड़कें, अनियमित पानी की सप्लाई और जर्जर हो चुकी जल निकासी व्यवस्था, सबमें लालच और भ्रष्टाचार की यही भाजपाई संस्कृति दिखती है। शहर की वर्षा जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए आवंटित 50 करोड़ रुपये हवा में उड़ गए लगते हैं। भाजपा शासित नगर निगम की साख इतनी गिर चुकी है कि लोगों का इस संस्था पर से ही विश्वास उठ गया है। शर्मा ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ निगम में जनता के पुराने विश्वास को फिर से बहाल करने के लिए दृढ़संकल्प है।
शर्मा ने भाजपा शासन में कथित भ्रष्टाचार की दर्जनों घटनाओं की अदालत की निगरानी वाली जांच की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आए, दोषी सजा पाएं और चंडीगढ़ की जनता को भाजपा के शिकंजे से मुक्त किया जा सके।
