चंडीगढ़ कांग्रेस ने स्थानीय भाजपा नेता संजय टंडन को चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी की आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गों को राहत प्रदान करने की उचित मांग का राजनीतिक कारणों से विरोध करने के लिए आड़े हाथों लिया है।
चंडीगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा ने कहा कि 300 यूनिट बिजली और 20,000 लीटर पानी निःशुल्क प्रदान करने का प्रावधान प्रशासन करने से प्रशासन और नगर निगम मामूली वित्तीय बोझ पड़ेगा, परन्तु इससे बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को आवश्यक राहत मिलेगी। स्थानीय सांसद मनीष तिवारी के इस जन-हितैषी कदम का विरोध करने पर भाजपा नेता की कड़ी निंदा करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि शहर की भाजपा और उसके नेता तब चुप्पी साधे रहते हैं जब चंडीगढ़ नगर निगम हर साल पानी और गार्बेज शुल्क में वार्षिक वृद्धि करके लोगों पर आर्थिक बोझ डालता है। भाजपा के इन नेताओं ने तब कोई विरोध नहीं किया जब संसाधन संपन्न चंडीगढ़ के सरकारी बिजली विभाग को एक निजी कंपनी को औए पौने दामों में सिर्फ इसलिए सौंप दिया गया, क्योंकि उस कंपनी ने निर्वाचन बांड के जरिए भाजपा के खजाने में सैकड़ों करोड़ रुपये भर दिए थे। टंडन और भाजपा के अन्य नेताओं ने तब एक शब्द भी नहीं कहा जब उनके महापौरों और पार्षदों ने 2015 में नगर निगम के 500 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट को खत्म कर दिया। इन चंडीगढ़-विरोधी नेताओं ने तब भी चुप्पी साधे रखी जब चंडीगढ़ के लोगों पर 24×7 जल आपूर्ति परियोजना के लिए लगभग 490 करोड़ का अनावश्यक कर्ज थोपा गया, जो बाद में भ्रष्टाचार का एक अड्डा बनने के कारण बीच में ही बंद हो गई। भाजपा नेता को स्पष्ट करना चाहिए कि जब यह बदनाम जल आपूर्ति परियोजना पूरी ही नहीं हुई, तो इसके लिए विदेशी एजेंसी से लिया गया कर्ज कहाँ गायब हो गया।
भाजपा के आम आदमी-विरोधी रवैये पर जोर देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जब चंडीगढ़ सांसद 300 यूनिट बिजली और 20,000 लीटर पानी निःशुल्क प्रदान करने की बात करते हैं, तो भाजपा नेता इस जन-हितैषी प्रस्ताव पर हथियार तान लेते हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और मध्यम वर्गों को अनियंत्रित महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी से जूझना पड़ रहा है, कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इन समाज के वर्गों को तत्काल राहत और सहारा चाहिए। जरूरतमंदों को निःशुल्क पानी देने से सालाना मात्र 15 से 20 करोड़ का खर्च आएगा, लेकिन इससे समाज के बड़े वर्ग के आर्थिक दर्द को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।
कांग्रेस ने स्थानीय भाजपा नेताओं को सलाह दी कि वे मोदी सरकार की अमीरपरस्त नीतियों का अनुसरण न करें जो देश में आर्थिक असमानताओं को बढ़ाने पर तुली हैं, बल्कि इसके विपरीत वह आम आदमी के लिए कुछ सोचें और कांग्रेस पार्टी को उसे राहत दिलाने में उसकी मदद करें।
