विश्व संगीत दिवस पर सजा सुरों का उत्सव, कलाकारों ने बिखेरा संगीत का जादू

 

चंडीगढ़
विश्व संगीत दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी द्वारा रानी लक्ष्मीबाई महिला भवन में एक रंगारंग सांगीतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों, कलाकारों और प्रशिक्षुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे परिसर को सुरों की मधुर धुनों से सराबोर कर दिया।
समारोह का शुभारंभ अकादमी की चेयरपर्सन डॉ. सुखमिंदर कौर बराड़ सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों ने संगीत को समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक एकता का माध्यम बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में अकादमी की ओर से आयोजित संगीत और वाद्य प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। करीब 40 प्रशिक्षुओं ने मंच पर गायन और वादन की विविध प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन अनुभवी संगीत प्रशिक्षकों सुखविंदर सिंह और एस बिंटा भगानिया के निर्देशन में किया गया।
शास्त्रीय संगीत से लेकर लोकधुनों और आधुनिक संगीत तक, कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को बांधे रखा। विभिन्न वाद्य यंत्रों की सुमधुर ध्वनियों ने भी कार्यक्रम को यादगार बना दिया। युवा कलाकारों के साथ-साथ वरिष्ठ प्रतिभागियों ने भी अपनी कला से श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी।
आयोजन ने नवोदित कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी नई उड़ान दी। दर्शकों ने कलाकारों के समर्पण और मेहनत की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
अपने संबोधन में डॉ.बराड़ ने कहा कि संगीत मानव जीवन को संवेदनशील बनाने के साथ मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि अकादमी भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों और कार्यशालाओं के माध्यम से नई प्रतिभाओं को आगे लाने तथा देश की संगीत विरासत को सहेजने का कार्य जारी रखेगी।
संगीत, उत्साह और रचनात्मकता से भरपूर यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और उपस्थित लोगों के लिए यादगार अनुभव बन गया।

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