कालेजों में आधी सीटें खाली, सरकार की उच्च शिक्षा नीति पर सवाल : मनोज अग्रवाल

पंचकूला जिला के सरकारी कालेजों 35 से 40% स्नातक सीटें खाली, प्रदेश में 51% सीटें , फिर भी सरकार की उच्च शिक्षा नीति सफल ? : मनोज अग्रवाल

पंचकूला। इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं पंचकूला शहरी जिलाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने हरियाणा के कॉलेजों में स्नातक की आधी से अधिक सीटें खाली रहने पर भाजपा सरकार की उच्च शिक्षा नीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि युवाओं को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य देने के दावे करने वाली सरकार बताए कि आखिर कॉलेजों में सीटें खाली क्यों रह गईं और विद्यार्थी उच्च शिक्षा से दूर क्यों हो रहे हैं?
मनोज अग्रवाल ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पंचकूला जिला के कालेजों में भी लगभग 45% स्नातक सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन ही ना आना सरकार की उच्च शिक्षा नीति पर सवाल खडे करता है? शहर के सेक्टर 1 के एकमात्र को एड कालेज में बी ए, बी एस सी, तथा बी काम की 43% सीटें खाली हैं। कन्या महाविद्यालय सेक्टर 14 में बी काम, बी सी ए, बी एस सी की 35% सीटें खाली हैं।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि जिला के ग्रामीण आंचल में तो स्थिति अत्यंत नाजुक है। रायपुर रानी के कालेज में 50% तथा बरवाला के कालेज में भी 50% सीटें खाली रह गई हैं वहीं कालका के एकमात्र कालेज में 45% सीटों पर दाखिले के लिए आवेदन ही नहीं आए।
प्रदेश के कॉलेजों की कुल 2,81,693 स्नातक सीटों में से 1,44,027 सीटें खाली रह गईं। यानी 51.1 प्रतिशत सीटों पर दाखिला ही नहीं हुआ। सरकारी कॉलेजों की इतनी अधिक संख्या में सीटें खाली रहना सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मनोज अग्रवाल ने सवाल किया कि जब दाखिले के लिए बार-बार समय बढ़ाने और पोर्टल दोबारा खोलने की नौबत आई, तो सरकार की दाखिला नीति और विद्यार्थियों तक पहुंच बनाने की व्यवस्था कितनी प्रभावी रही? क्या सरकार ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि विद्यार्थी फीस, आर्थिक कठिनाइयों, अपने पसंदीदा विषयों की अनुपलब्धता, कॉलेजों की दूरी या रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की कमी के कारण दाखिला नहीं ले पा रहे हैं?
उन्होंने कहा कि खाली सीटें केवल कॉलेजों का आंकड़ा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य, अभिभावकों की आर्थिक स्थिति और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय हैं। सरकार को केवल दाखिले की तारीख बढ़ाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मानने के बजाय समस्याओं के वास्तविक कारणों का समाधान करना चाहिए।
इनेलो नेता ने मांग की कि सरकार आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए फीस में राहत, छात्रवृत्ति का समय पर भुगतान, परिवहन सुविधा और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर ठोस कदम उठाए।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि भाजपा सरकार को प्रचार और घोषणाओं से आगे बढ़कर जवाब देना होगा कि जब प्रदेश में 1.44 लाख से अधिक स्नातक सीटें खाली हैं, तो युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने की उसकी नीति आखिर किस कसौटी पर सफल है।

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