सोलर एनर्जी वेंडर्स एसोसिएशन (सेवा) ने पंजाब में सौर परियोजनाओं की बाधाओं को दूर करने के लिए पीएसपीसीएल और एमएनआरई के उच्च अधिकारियों से की मुलाकात

 

पटियाला, पंजाब सोलर एनर्जी वेंडर्स एसोसिएशन (सेवा) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के डायरेक्टर जनरेशन श्री पुनरदीप सिंह बराड़, डिप्टी चीफ इंजीनियरों और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (मंत्र) के अधिकारियों के साथ बैठक की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में सोलर वेंडर्स को आ रही गंभीर समस्याओं और बाधाओं के संबंध में एक मांग पत्र सौंपा।

सेवा (सेवा) प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे सौर उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों, जिनमें श्री सुखपाल सिंह, श्री संग्राम सिंह, श्री बलविंदर विर्क, श्री सक्षम वर्मा, श्री वरिंदर मंगाट, श्री गुरदीप सिंह बराड़, श्री मनिंदर सिंह और श्री रोहित कौशल शामिल थे, ने राज्य के सोलर वेंडर्स की मुख्य मांगों को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा।

बैठक के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे उठाए गए:

नेट मीटरों की भारी कमी: नेट मीटरों की कमी के कारण पूरी हो चुकी कई सौर परियोजनाएं रुकी हुई हैं।

नेट मीटरिंग में देरी: मंजूरी की प्रक्रिया धीमी होने के कारण उपभोक्ताओं और वेंडर्स को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सॉफ्टवेयर की खामियां: पीएसपीसीएल (पीएसपीसीएल) के पोर्टल पर तकनीकी खराबी के कारण आवेदन करने और स्टेटस चेक करने में दिक्कत आ रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने पीएसपीसीएल से पुरजोर अपील की कि सोलर आवेदन से लेकर चालू करने तक की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और ‘जीरो पेपर वर्क’ (कागज रहित) बनाया जाए। एसोसिएशन ने कहा कि यदि पंजाब को केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घरः मुफ्त बिजली योजना’ के तहत मिला 2.5 लाख सोलर इंस्टॉलेशन का लक्ष्य हासिल करना है, तो इस कागजी कार्रवाई को खत्म करना बेहद जरूरी है।

सेवा (सेवा) के प्रतिनिधियों ने बताया कि पड़ोसी राज्यों में यह प्रणाली पूरी तरह से ऑनलाइन हो चुकी है, जिसके कारण वे पीएम सूर्य घर योजना में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा, ‘पंजाब में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं। लेकिन प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं के कारण वेंडर्स और उपभोक्ताओं का उत्साह कम हो रहा है। यदि पीएसपीसीएल और एमएनआरई इन तकनीकी खामियों और देरी को जल्द ही हल कर दें, तो पंजाब भी दूसरे राज्यों की तरह जल्द ही एक अग्रणी ग्रीन एनर्जी (हरित ऊर्जा) राज्य बन सकता है।’

पीएसपीसीएल प्रबंधन और एमएनआरई के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को बहुत गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि पोर्टल की खामियों और नेट मीटरों की उपलब्धता जैसे मुद्दों को तुरंत हल किया जाएगा ताकि राज्य में सोलर सिस्टम को सुचारू बनाया जा सके।

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