चंडीगढ़/17 जनवरी 2026 – भारत में पिछले कुछ वर्षों में फैटी लिवर रोग के मामलों में खतरनाक तेजी दर्ज की गई है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार इस बीमारी से प्रभावित देशों में भारत दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल हो गया है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।
पहले फैटी लिवर को मुख्य रूप से शराब के अत्यधिक सेवन से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब यह साइलेंट लिवर डिजीज मोटापा, डायबिटीज, अनियमित खानपान और आधुनिक जीवनशैली के कारण तेजी से फैल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि शारीरिक सक्रियता की कमी, जंक फूड का बढ़ता चलन और तनावपूर्ण दिनचर्या इसके प्रमुख कारण हैं।
चिकित्सकों के अनुसार यदि समय रहते ध्यान दिया जाए तो इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और सही जीवनशैली अपनाकर फैटी लिवर से बचाव संभव है। शुरुआती चरण में पहचान होने पर यह पूरी तरह ठीक भी हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को जागरूक करते हुए नियमित जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। फैटी लिवर से संबंधित मुफ्त परामर्श के लिए संपर्क करें – 9988293592।
