पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के कठिन तप गन्ने के रस (इक्षु रस) के साथ अपना

 

इस विशेष दिन को अक्षय तृतीया या इक्षु तृतीया के नाम से भी जाना जाता हैं और इसे ‘पारण दिवस’ के रूप में मनाया

चंडीगढ़ ( ) अक्षय तृतीया के उपलक्ष में बिजवाड़ा शोरूम मार्केट संगठन सेक्टर 22 चंडीगढ़ द्वारा गन्ने के रस का छविल का लगाई गई इस अवसर पर
गन्ने के रस का छविल का शुभ आरम्भ मुख्य अतिथि माननीय जस्टिस अरविंद सिंह सांगवान ने अपनी धर्मपत्नी सहित किया
इस अवसर पर कार्यक्रम की जानकारी देते बिजवाड़ा मार्केट के अध्यक्ष दीपक मित्तल ने बताया की
जैन धर्म में इस दिन का बहुत ही पावन और ऐतिहासिक महत्व है, जब पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) ने एक वर्ष (लगभग 400 दिनों) के कठिन तप/उपवास के बाद राजा श्रेयांस के हाथों हस्तिनापुर में गन्ने के रस (इक्षु रस) के साथ अपना उपवास समाप्त (पारण) किया था।
इस विशेष दिन को अक्षय तृतीया या इक्षु तृतीया के नाम से भी जाना जाता हैं और इसे ‘पारण दिवस’ के रूप में मनाया
इस अवसर पर बिजवाड़ा मार्केट के चेयरमैन सुभाष गुप्ता, राहुल जैन और विवेक जैन ने बताया की मार्केट एसोसिएशन पिछले 2 वर्ष से यह उत्सव सभी मार्केट सदस्य के सहयोग से मना रही है इस छविल कार्यक्रम मे जैन समाज के सितंबर जैन दिगंबर जैन स्थानकवासी जैन तेरापंथ जैन के सदस्य सहित मार्किट के सभी सदस्य उपस्थित रहे

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