20 में से 17 पार्षद भाजपा के, मेयर भाजपा का; पिछले पांच साल भी सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के बिना निकले
पंचकूला : 9 सितम्बर
इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं पंचकूला शहरी जिलाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने पंचकूला नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में हो रही देरी को लेकर भाजपा पर कड़ा हमला बोला है।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम चुनाव को आज चार महीने बीत चुके हैं। 20 में से 17 पार्षद भाजपा के हैं, मेयर भाजपा का है, हरियाणा में भाजपा की सरकार है और केंद्र में भी भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद नगर निगम के दो महत्वपूर्ण पदों पर चुनाव नहीं हो पाया।
उन्होंने सवाल किया कि “जब बहुमत भी भाजपा के पास है, मेयर भी भाजपा का है और प्रदेश व केंद्र में सरकार भी भाजपा की है, तो फिर सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनने में आखिर परेशानी क्या है?”
मनोज अग्रवाल ने कहा कि पंचकूला की जनता को यह जानने का अधिकार है कि चार महीने बाद भी नगर निगम का नेतृत्व अधूरा क्यों है। यदि कोई अंदरूनी मतभेद या गुटबाजी नहीं है तो चुनाव क्यों नहीं कराया जा रहा और यदि खींचतान है तो भाजपा नेतृत्व उसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करे।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब पंचकूला नगर निगम में यह स्थिति पैदा हुई है। पिछले मेयर का पूरा पांच वर्ष का कार्यकाल भी सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के बिना निकल गया था। अब नए कार्यकाल में भी वही स्थिति दोहराई जा रही है।
“पंचकूला की जनता ने नेताओं को कुर्सियों की लड़ाई के लिए नहीं, शहर की समस्याएं हल करने के लिए चुना है।” मनोज अग्रवाल ने कहा कि आज शहर में सीवरेज ओवरफ्लो, गलियों में बहता गंदा पानी, सफाई व्यवस्था, कूड़ा और सड़कों जैसी समस्याएं जनता को परेशान कर रही हैं, लेकिन भाजपा नेतृत्व नगर निगम के भीतर ही पूर्ण व्यवस्था कायम नहीं कर पा रहा।
उन्होंने कहा कि 17 पार्षदों का बहुमत होने के बावजूद दो पदों का चुनाव न होना भाजपा की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। यदि पार्टी अपने ही बहुमत वाले सदन में नेतृत्व की व्यवस्था नहीं कर सकती तो जनता शहर के विकास और समस्याओं के समाधान को लेकर उससे क्या उम्मीद रखे?
मनोज अग्रवाल ने कहा कि भाजपा को अब राजनीतिक खींचतान और देरी खत्म कर तत्काल सीनियर डिप्टी मेयर तथा डिप्टी मेयर का चुनाव करवाना चाहिए। पंचकूला की जनता को यह भी बताया जाना चाहिए कि इतने लंबे समय से चुनाव क्यों लंबित है और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है।
“बहुमत भाजपा का है, मेयर भाजपा का है, सरकार भाजपा की है—अब बहाना भी भाजपा का ही क्यों?” मनोज अग्रवाल ने कहा।
