भारत विकास परिषद् की व्यक्तित्व विकास कार्यशाला में मेधावी विद्यार्थियों को लक्ष्य साधना के मंत्र दिये गये

चंडीगढ़ 27 सितम्बर 2026। भारत विकास परिषद् चैरिटेबल ट्रस्ट, चंडीगढ़ ने अपने ‘साक्षरता’ प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर 18-सी स्थित पी.एम. श्री राजकीय कन्या आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सभागार में कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिए व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का उद्देश्य राजकीय विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को प्रेरित करना तथा उन्हें जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए आवश्यक व्यक्तित्व एवं जीवन कौशल विकसित करने की दिशा में मार्गदर्शन देना था। इसमें चंडीगढ़ के विभिन्न सरकारी स्कूलों के कक्षा 11 के 96 मेधावी विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिन्हें भारत विकास परिषद् की साक्षरता परियोजना के अंतर्गत शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

कार्यशाला में “लक्ष्य साधना” विषय पर मोटिवेटर और भारत विकास परिषद् के प्रांतीय गतिविधी संयोजक (सम्पर्क) श्री नवनीत गौड़ ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। जीवन में लक्ष्य साधने के लाभ, लक्ष्य पर केंद्रित रहने और लक्ष्य प्राप्ति के मंत्र विद्यार्थियों को बताये। बाद में प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं और सही लक्ष्य निर्धारित करने, लक्ष्य प्राप्ति में आने वाली चुनौतियों से निपटने तथा सकारात्मक सोच बनाए रखने के व्यावहारिक सुझाव प्राप्त किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत विकास परिषद् चैरिटेबल मैडिकल सेंटर, चण्डीगढ़ के डॉयरेक्टर श्री अजय दत्ता ने की। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपना लक्ष्य साधने के साथ-साथ अच्छे संस्कारों को अपनाकर अच्छे नागरिक बनें। अपने माता-पिता और शिक्षकों का दिल से सम्मान करें और लक्ष्य प्राप्ति के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।

इस अवसर पर साक्षरता परियोजना के निदेशक अशोक गोयल ने स्वागत भाषण देते हुए परियोजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर, जरूरतमंद एवं मेधावी विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहायता, मार्गदर्शन तथा व्यक्तित्व विकास के अवसर उपलब्ध कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही छात्रवृत्ति की दूसरी किस्त दे दी जाएगी।

कार्यक्रम में भारत विकास परिषद् के वरिष्ठ सदस्य श्री रमण शर्मा, श्री विकास गोयल, श्री मदन लाल और श्री कृष्ण पाल राणा उपस्थित रहे।

छात्र सहज प्रीत सिंह ने पिछली कार्यशाला की समीक्षा की और इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य और छात्रों को होने वाले लाभ पर चर्चा की। छात्रा विशेषता मौर्या ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। कार्यक्रम के पश्चात सभी ने जल-पान का आनन्द लिया।

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