दीपक थापर की लघु फिल्म हंगर कैनेडा में बनी चर्चा का विषय

Brampton, ON Canada

लघु फ़िल्म “हंगर (Hunger)” समाज की उस पीड़ा को सामने लाती है, जिसे हम सब रोज़ देखते हैं पर अक्सर हम इसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं। फ़िल्म के कहानीकार और निर्माता दीपक थापर हैं, और इसका निर्देशन मीनू सिंह ने किया है। यह फ़िल्म उन बेघर और बेसहारा लोगों की गाथा को परदे पर बयान करती है, जो दो वक्त की रोटी और सिर पर छत जैसी सबसे बुनियादी ज़रूरतों के मोहताज हैं। “हंगर” की कहानी भूख की वह गूंज है जो सड़कों, फ़ुटपाथों और गलियों में रोज़ सुनाई देती है।

बेघर लोगों की आंखों में भूख की ऐसी झलक दिखती है मानो वो जिंदगी में टूट चुके हो, और खाली पेट भरने के लिए वो लोग हर दिन रात सड़कों पर बिलखते दिखाई देते है, और उनके सपने भी अक्सर भूख के सामने सिमटते दिखाई पड़ते हैं। फिल्म यह दिखाती है कि इंसान जब रोटी कपड़ा और मकान जैसी ज़रूरतों से वंचित रह जाता है, तो उसकी सबसे बड़ी लड़ाई सिर्फ़ जिंदा रहने की जद्दोजहद बन जाती है। और वो इंसान जिंदा रहने के लिए हर रोज मरता है और कई बार तो दिन में सिर्फ एक बार ही खाना खाकर भुख से बेहाल रहता है

Deepak Thapar Film Hungar
Deepak Thapar Film Hunger
फ़िल्म के किरदारों के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि भूख केवल एक शारीरिक अवस्था नहीं है, बल्कि यह सामाजिक असमानता और संवेदनहीनता का सबसे बड़ा प्रतीक है। अमीर और गरीब के बीच की खाई, और समाज की बेरुख़ी, कहानी को और मार्मिक बना देती है। भूख से बड़ी कोई बीमारी नहीं होती… और बेघरपन से बड़ी कोई लाचारी नहीं।” इस फ़िल्म में दीपक थापर, मीनू सिंह और अर्पिता दिलदार ने अपने अभिनय से किरदारों को सजीव कर दिया है। फ़िल्म के लाइन प्रोड्यूसर ललित गुड्डू और डी.ओ.पी. (DOP)- (Pistu Productions) है। इस फिल्म की स्क्रिप्ट को आर्ट्स और एंटरटेनमेंट फिल्म फेस्टिवल 2025 ने बेस्ट स्क्रिप्ट का अवार्ड दिया है और यह कहानी कैनेडा में जाकर बसने वाले युवाओं को पेश आने वाली मुश्किलें और उनकी जिंदगी की हकीकत बयान करती है

दीपक थापर जो की मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले है और कैनेडा में रहते है जिन्हें पंजाबी कम्युनिटी में उनके चाहने वाले मनी के नाम से भी जानते है क्योंकि वो लगातार समाज सेवा के काम भी कर रहे है और अब वह कैनेडा जैसे देश की अंदरूनी समस्याओं को अपनी लघु फिल्मों के जरिए लोगों के सामने ला रहे है और ये कहानियां कैनेडा के कुछ हिस्से का कड़वा सच है जिसे हर नौजवान को देखना चाहिए और ये कहानी उन युवाओं को भी सोचने पर मजबूर करती है जो विदेशों में बसने का सोच रहे है हमारा मकसद उन नौजवानों को डराना नहीं है लेकिन इसी फिल्मों के जरिए वहां के हालातों को भी देखना चाहिए जिससे विदेश जाने की जिद्द में वह भी अपनी जिंदगी बर्बाद ना करे लघु फिल्म हंगर कैनेडा के हालातों पर आर्थिक स्थिति को भी दर्शाती है फिलहाल फिल्म की वर्चुअल स्क्रीनिंग प्रतिष्ठित IFFSA Toronto में 14 अक्टूबर 2025 को होगी।

Please follow and like us:
Pin Share
YouTube
Pinterest
LinkedIn
Share