नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कमाण्डेंट कमल सिसोदिया की प्रेरक पहल, समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा

-अनाथ बालिकाओं व जरूरतमंद महिलाओं से संवाद, स्वच्छता सामग्री वितरण और सुरक्षा बलों में करियर के लिए किया प्रेरित

चंडीगढ़/छत्तीसगढ़. कमल सिसोदिया, कमाण्डेंट, 13 बटालियन, सीआरपीएफ द्वारा छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में एक सराहनीय समाजसेवी अभियान संचालित किया गया। उन्होंने अनाथ बालिकाओं एवं जरूरतमंद महिलाओं से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं और सेनेटरी पैड, हाइजीन किट सहित आवश्यक उपयोगी सामग्री स्वयं वितरित की। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में स्वास्थ्य, स्वच्छता, आत्मविश्वास और जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। सिसोदिया ने बालिकाओं को शिक्षा के महत्व, आत्मनिर्भरता तथा पुलिस व सुरक्षा बलों में भर्ती होकर राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया। उनके प्रेरक संबोधन से प्रभावित होकर कई बालिकाओं ने भविष्य में सुरक्षा बलों से जुड़ने का संकल्प भी व्यक्त किया, जो नक्सलवाद से मुक्त और सशक्त समाज की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
कमल सिसोदिया लंबे समय से महिला स्वावलंबन, बाल विकास और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वे देश के विभिन्न पिछड़े और दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर नियमित रूप से जागरूकता एवं सहायता कार्यक्रम आयोजित करती रही हैं। उत्तर-पूर्व भारत, मध्य भारत और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील एवं दुर्गम इलाकों में उनके द्वारा संचालित कार्यक्रमों से हजारों महिलाओं और परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। यह पहल समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और मानवीय उत्तरदायित्व का सशक्त उदाहरण है, जो दर्शाती है कि सुरक्षा बल न केवल राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि सामाजिक दायित्वों और मानवीय कर्तव्यों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं। वर्ष के अंतिम दिनों में वंचित वर्ग से जुड़कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का यह प्रयास कमाण्डेंट कमल सिसोदिया की संवेदनशील, दूरदर्शी और राष्ट्रहितकारी सोच को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करता है।

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