ईसाई नेताओं ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में की प्रेस कॉन्फ्रेंस

जालंधर बच्ची हत्याकांड पर अंकुर नरूला के बयानों की कड़ी निंदा, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

चंडीगढ़, 23 दिसंबर 2025 (मंगलवार):
आज दोपहर 1 बजे चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पंजाब भर से आए ईसाई समुदाय के प्रमुख नेताओं द्वारा एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य ईसाई धर्म से जुड़े गंभीर मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करना तथा जालंधर में 13 वर्षीय बच्ची के बलात्कार व हत्या के मामले में अंकुर नरूला द्वारा दिए गए हालिया बयानों पर कड़ा विरोध दर्ज कराना था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने हाल की कुछ घटनाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की माता, माता चरण कौर के पुतले को जलाने की घटना और कुछ संगठनों द्वारा ईसाई समुदाय की गलत व भ्रामक छवि प्रस्तुत करने के प्रयास शामिल हैं। वक्ताओं ने कहा कि ऐसी घटनाएं पंजाब में ईसाई समुदाय की सामाजिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य वक्ता पेंटेकोस्टल चर्च से श्री रॉबर्ट विलियम, नेशनल क्रिश्चियन लीग से जगदीश मसीह तथा मसीह एकता सभा से सुखजिंदर गिल थे। इस अवसर पर पंजाब के विभिन्न मेनलाइन चर्चों के प्रतिनिधि और कई युवा ईसाई नेता भी उपस्थित रहे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख मांगें:

  1. जालंधर बच्ची हत्याकांड पर टिप्पणी का विरोध:
    ईसाई नेताओं ने जालंधर में 13 वर्षीय बच्ची के बलात्कार और हत्या को लेकर अंकुर नरूला द्वारा की गई टिप्पणियों को बेहद आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि पवित्र बाइबल किसी भी प्रकार के अपराध की शिक्षा नहीं देती, बल्कि पवित्र और सदाचारी जीवन का संदेश देती है। नेताओं ने मांग की कि अंकुर नरूला तुरंत और बिना शर्त माफी मांगें तथा पीड़ित परिवार से व्यक्तिगत रूप से मिलकर क्षमा याचना करें।

  2. माता चरण कौर के पुतले जलाने की घटना की निंदा:
    वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि सिद्धू मूसेवाला की माता, माता चरण कौर का पुतला जलाने की घटना ईसाई समुदाय द्वारा नहीं की गई थी। यह कृत्य केवल अंकुर नरूला के कुछ अनुयायियों द्वारा किया गया, जिससे ईसाई समाज का कोई लेना-देना नहीं है।

  3. गैर-बाइबिलीय शोभा यात्राओं का विरोध:
    अंकुर नरूला द्वारा भांगड़ा, बोलियां, गिद्धा, डीजे और लाउडस्पीकर के साथ निकाली गई शोभा यात्राओं को ईसाई मूल्यों और बाइबिल की शिक्षाओं के विरुद्ध बताया गया और इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।

  4. पूरे ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने के दावे पर आपत्ति:
    ग्लोबल क्रिश्चियन एक्शन कमेटी द्वारा स्वयं को पूरे ईसाई समुदाय का प्रतिनिधि बताने और ‘मसीही समाज’ जैसे शब्दों के प्रयोग पर कड़ी आपत्ति जताई गई। नेताओं ने कहा कि यह संगठन केवल अंकुर नरूला मिनिस्ट्री का प्रतिनिधित्व करता है, न कि पूरे ईसाई समुदाय का।

  5. पंजाब बचाओ मोर्चा को समर्थन:
    प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब बचाओ मोर्चा और उसके अध्यक्ष तेजस्वी मिन्हास को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह मोर्चा पाखंड, अंधविश्वास और फर्जी चमत्कारी इलाजों के खिलाफ संघर्ष कर रहा है, जो ईसाई धर्म की शिक्षाओं के अनुरूप है।

  6. प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग:
    ईसाई नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि अंकुर नरूला और उसके सहयोगियों के हालिया बयानों, गतिविधियों और कानून उल्लंघनों के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए।

  7. राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन को हटाने की मांग:
    पंजाब राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जतिंदर गौरव मसीह को पद से तुरंत हटाने की मांग की गई। नेताओं का आरोप है कि वह निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय अंकुर नरूला और उसके चर्च को बढ़ावा दे रहे हैं तथा पूरे ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करते।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में नेताओं ने दोहराया कि ईसाई समुदाय शांति, सद्भाव और कानून के शासन में विश्वास करता है तथा किसी भी प्रकार के अपराध, हिंसा और भ्रामक गतिविधियों से उसका कोई संबंध नहीं है।

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