- मांगों के समर्थन में चंडीगढ़ प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया से जल्द की जाएगी मुलाकात
- मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की राह पर जाने को मजबूर
चंडीगढ़, 23 मई:- भारतीय मजदूर संघ, चंडीगढ के मुख्य कार्यकारी सदस्यों ने आज की मीटिंग में यू.टी. प्रशासन, नगर निगम तथा विभिन्न बोर्डों व विभागों में कार्यरत कांट्रैक्ट और आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए उनकी नौकरी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि जनता दरबार में चंडीगढ़ प्रशासक के समक्ष पहले भी यह दोनों मुद्दों के अलावा सीटीयू से निकाले गए आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों के मुद्दे उठाए गए थे, परन्तु अभी तक चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा इन दोनों मुद्दों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई ।
सीटीयू से टर्मिनेट आऊटसोर्सिंग कर्मचारी आज तक नई बसों का इंतजार करते हुए घरों पर बैठने को मजबूर हैं और उनके परिवार पीड़ा झेल रहे हैं । संघ ने निकाले गए आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से वापस रखने की मांग की है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन व म्युनिसिपल कार्पोरेशन में लंबे समय व दशकों से सेवाएं दे रहे हजारों कांट्रैक्ट व आउटसोर्सिंग कर्मचारी असुरक्षा के माहौल में काम कर रहे हैं। अनेक कर्मचारी वर्षों से लगातार सेवाएं देने के बावजूद किसी केंद्रीय स्थायी नीति के अभाव में भविष्य को लेकर हजारों कांट्रैक्ट व आऊटसोर्सिंग कर्मचारी अपने व परिवार के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
भारतीय मजदूर संघ ने मांग की कि जिन कांट्रैक्ट कर्मचारियों ने लंबा समय सेवा में पूरा कर लिया है, उन्हें एकमुश्त नीति बनाकर नियमित किया जाए। साथ ही आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों को निजी ठेकेदारों और जेम पोर्टल व्यवस्था के स्थान पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम जैसी सरकारी केंद्रीकृत व्यवस्था के अधीन लाकर भर्ती से लेकर रिटायरमेंट तक नौकरी की सुरक्षा प्रदान की जाए।
संघ ने कहा कि कर्मचारियों को समान कार्य के लिए सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा, ईपीएफ, ईएसआई तथा सेवा निरंतरता का लाभ मिलना चाहिए।कर्मचारियों का शोषण रोकने और प्रशासनिक कार्यों की स्थिरता बनाए रखने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा इन कांट्रैक्ट व आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए कोई ठोस सुरक्षित नीति बनाना समय की आवश्यकता है।
संघ ने जल्द ही इन मुद्दों पर चंडीगढ़ प्रशासक से जल्द मुलाकात करने पर भी सहमति जताई ।
भारतीय मजदूर संघ ने प्रशासन एवं सरकार से मांगों पर संवेदनशीलता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की अन्यथा संगठन को आंदोलन की राह पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा ।
