भरत-कैकेयी संवाद ने दर्शकों को किया इमोशनल

  • सेक्टर-49 में दिव्य रामायण युवा कला मंच द्वारा रामलीला एवं दशहरा महोत्सव-2026 मंचन महोत्सव का छठा दिन; 68×38 फीट के विशाल विशेष मंच पर जीवंत हुई रामायण

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर 2026: दिव्य रामायण युवा कला मंच की ओर से सेक्टर-49बी स्थित सब्जी मंडी ग्राउंड में आयोजित पांचवें रामलीला मंचन एवं दशहरा महोत्सव-2026 के छठे दिन रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का इमोशनल तरीके से मंचन किया गया। भरत को अयोध्या वापस आने का संदेश, कैकेयी-भरत संवाद और स्वरूप निखा संवाद जैसे दृश्यों ने दर्शकों को को इमोशनल कर दिया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय के जरिए पारिवारिक संबंधों, कर्तव्य, त्याग और मर्यादा के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

भरत-कैकेयी संवाद ने उजागर की मां-बेटे के रिश्ते, भरत की भावनाओं और पारिवारिक रिश्तों की गहराई

रामायण के प्रसंगों के माध्यम से भरत के अयोध्या लौटने और अपनी माता कैकेयी के साथ उनके संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। इन दृश्यों में मां-बेटे के रिश्ते, भरत की भावनाओं और पारिवारिक संबंधों की जटिलताओं को खूबसूरती से दर्शाया गया। कलाकारों के शानदार अभिनय ने दर्शकों को रामायण की शिक्षाओं, आदर्शों और जीवन मूल्यों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।

पहली बार 68×38 फीट के विशाल खुले मंच पर प्रस्तुति बना आकर्षण का केंद्र
दिव्य रामायण युवा कला मंच की ओर से सेक्टर-49 में पहली बार 68×38 फीट के विशाल खुले मंच पर रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। यह मंच इस महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण है। इसकी विशेष व्यवस्था इस प्रकार की गई है कि एक हिस्से में किसी प्रसंग का मंचन होने के दौरान दूसरे हिस्से में अगले दृश्य के कलाकार अपनी प्रस्तुति के लिए तैयार रहते हैं। इससे दृश्यों के बीच अनावश्यक रुकावटें कम होती हैं और मंचन का क्रम सुचारु बना रहता है। यह विशाल मंच और उसकी अनूठी व्यवस्था दर्शकों को रामायण के विभिन्न प्रसंगों का एक जीवंत और निर्बाध अनुभव प्रदान कर रही है।
इस वर्ष रामलीला के सफल मंचन में श्री हरि मेहता का योगदान भी उल्लेखनीय है। वह कलाकारों को संवादों और दृश्यों के दौरान प्रॉम्प्टिंग देने के साथ प्रत्येक दिन के मंचन से पहले संबंधित प्रसंगों की जानकारी देते हैं। कलाकारों को उनकी भूमिकाओं के अनुसार तैयार करने और पूरे मंचन के दौरान उनके साथ तालमेल बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उनके अनुभव, निरंतर मार्गदर्शन और समर्पण से कलाकारों को अपनी प्रस्तुतियां बेहतर ढंग से निभाने में सहायता मिल रही है।दिव्य रामायण युवा कला मंच की पूरी टीम कलाकारों, सहयोगियों और श्रद्धालुओं के सहयोग से रामलीला को अधिक आकर्षक, व्यवस्थित और प्रेरणादायक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

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