चंडीगढ़ कांग्रेस ने नगर निगम को दिए गए तदर्थ अनुदान को बहुत कम और बहुत देर से दिया गया बताया।

  • नगर निगम की वित्तीय स्थिति में भारी गिरावट पर श्वेत पत्र की मांग।

 

चंडीगढ़ कांग्रेस ने चंडीगढ़ कांग्रेस को दिए गए 125 करोड़ रुपये के एडहॉक अनुदान को बहुत कम और बहुत देर से लिया गया फ़ैसला बताते हुए कहा है कि इससे नगर निगम की वित्तीय हालात पर कोई स्थाई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

चंडीगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा ने कहा कि इस एकमुश्त अनुदान एक बुरी तरह से रिसते हुए घाव पर एक बैंड-एड लगाने जैसा है, जब कि निगम की पंगु वित्तीय स्तिथि साहसिक और समझदारी से परिपूर्ण फ़ैसले लेने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि शहर के खोए हुए गौरव को बहाल करने के लिए नगर निगम के लिए संसाधन एवं धन मुहैया कराने
के तरीकों में एक आमूल चूल और व्यवस्थित परिवर्तन करने की आवश्यकता है। भाजपा नगर निगम को बर्बाद करने का आरोप लगाते हु पर उन्होंने बताया कि जहाँ शहर के सांसद मनीष तिवारी निगम को बचाने के लिए दिल्ली वित्त निगम की सिफारिशों के आधार पर केन्द्रीय शासित प्रदेश को आवंटित कुल राजस्व का एक निश्चित प्रतिशत निगम को दिए जाने की करने की बात कर रहे हैं, वहीं स्थानीय भाजपा अपनी कुप्रबंधन और गलत प्राथमिकताओं के कारण कभी नकदी से भरपूर रहे निगम को लगभग दिवालिया होने की स्थिति में पहुँचाने के बाद एक मामूली तदर्थ अनुदान पर फूले नहीं समा रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने माँग की कि 2015 के बाद से नगर निगम की वित्तीय स्थिति में आई भारी गिरावट के कारणों का खुलासा करने के लिए एक श्वेत पत्र जारी किया जाना चाहिए, जब से यह केवल 11 महीनों को छोड़कर भाजपा के लगातार नियंत्रण में रहा है।

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