सतिंदर टोनी, मनोज अग्रवाल विकास, राजू राणा मौली और मनोज गुर्जर ने सेक्टर-14 में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को दिया समर्थन, बोले—जनता और कर्मचारियों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
पंचकूला, 23 अक्टूबर।
नूंह व गुरुग्राम में बिजली व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों की हडताल के समर्थन में उतरते हुए इंडियन नेशनल लोकदल ने भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। पंचकूला जिलाध्यक्ष सतिंदर टोनी, प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष शहरी पंचकूला कालका हलकाध्यक्ष विकास, युवा जिलाध्यक्ष राजू राणा मौली तथा प्रदेश प्रधान महासचिव मनोज गुर्जर के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-14 स्थित हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के मुख्य कार्यालय के बाहर धरना स्थल पर पहुंचकर हड़ताली बिजली कर्मचारियों को पार्टी की ओर से समर्थन दिया।
जिलाध्यक्ष सतिंदर टोनी ने कहा कि बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर सरकार को जनता के सामने जवाब देना चाहिए। बिजली केवल कमाई का साधन नहीं, बल्कि किसान, मजदूर, दुकानदार, छोटे उद्योग और आम परिवार की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बिजली व्यवस्था में बदलाव का उद्देश्य जनहित है, तो कर्मचारियों में असुरक्षा और निजीकरण के खिलाफ विरोध क्यों बढ़ रहा है? सरकार को कर्मचारियों की आशंकाओं का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
जिलाध्यक्ष शहरी मनोज अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने विभाग के सबसे कमाऊ सर्किल को बेच दिया है। गुरुग्राम सर्किल से दो हजार करोड की आमदनी होती है पार्टी बिजली कर्मचारियों की निजीकरण विरोधी मांगों के साथ मजबूती से खड़ी है। कर्मचारियों की आवाज को दबाने या उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था को लेकर कोई भी फैसला कर्मचारियों के भविष्य और आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर ही होना चाहिए।
कालका हलकाध्यक्ष विकास ने कहा कि बिजली कर्मचारियों की समस्याएं केवल विभाग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका सीधा असर आम जनता पर भी पड़ता है। सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिनसे बिजली सेवाएं मजबूत हों, कर्मचारियों का भरोसा कायम रहे और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
युवा जिलाध्यक्ष राजू राणा मौली ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार की सुरक्षा और सरकारी सेवाओं की मजबूती बेहद जरूरी है। निजीकरण के फैसलों से कर्मचारियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा होती है। सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता दिखाते हुए उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
इनेलो के प्रदेश प्रधान महासचिव मनोज गुर्जर ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल नीतियां घोषित करना नहीं, बल्कि उन नीतियों के परिणामों के प्रति जवाबदेह होना भी है। नूंह और गुरुग्राम में बिजली व्यवस्था के निजीकरण को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कर्मचारियों के साथ संवाद किए बिना कोई फैसला थोपना उचित नहीं है।
इनेलो नेताओं ने एक स्वर में कहा कि पार्टी बिजली कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और जायज मांगों के समर्थन में उनके साथ खड़ी है। सरकार को निजीकरण से जुड़े फैसलों पर पुनर्विचार करना चाहिए और कर्मचारी संगठनों के साथ सार्थक बातचीत शुरू करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली कर्मचारियों के हितों, रोजगार की सुरक्षा और आम जनता को सस्ती एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के मुद्दे पर इनेलो अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
बिजली के निजीकरण के विरोध में इनेलो का हडताली कर्मचारियों को समर्थन, कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है पार्टी : मनोज अग्रवाल
