“स्वास्थ्य और लोकतंत्र के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना: जीसीसीबीए में विशेष एनएसएस शिविर का प्रभावशाली सफर जारी”

चंडीगढ़( )“नशा और टीबी मुक्त युवा” थीम वाले विशेष एनएसएस शिविर के तीसरे दिन सरकारी वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन महाविद्यालय (जीसीसीबीए), सेक्टर-50, चंडीगढ़ में अंग दान जागरूकता और मतदाता जागरूकता अभियान पर दो प्रभावशाली सत्र आयोजित किए गए।
पहले सत्र में अल्केमिस्ट अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ गौरव वार्मल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। 500 से अधिक किडनी प्रत्यारोपण करने के अपने अनुभव का हवाला देते हुए डॉ वार्मल ने अंग दान के जीवन-रक्षक महत्व पर प्रकाश डाला। उनका स्वागत प्राचार्य डॉ संगम कपूर, डीन प्रोफ (डॉ) पुनम अग्रवाल, उप-प्राचार्य डॉ अमरप्रीत एस. सिज्जर, तथा एनएसएस इकाइयों के कार्यक्रम अधिकारी डॉ योगेश कुमार और डॉ आंचल मलिक द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयंसेवकों को आंखें, किडनी और अन्य महत्वपूर्ण अंगों जैसे कीमती अंगों के दान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करना था, जो जरूरतमंदों को जीवन का उपहार दे सकते हैं।
दूसरा सत्र एनएसएस इकाइयों द्वारा कॉलेज इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) के सहयोग से आयोजित किया गया। इसकी शुरुआत दक्षिण डिवीजन के एसडीएम, चुनाव पर्यवेक्षक श्री बहादुर सिंह, Ms अक्षिता (पूर्व छात्रा) और Mr वर्धन जैन (पूर्व छात्र) के हार्दिक स्वागत से हुई, जिन्हें एनएसएस बॉयज़ यूनिट के कार्यक्रम अधिकारी डॉ योगेश कुमार और ईएलसी की नोडल अधिकारी एवं एनएसएस सलाहकार डॉ रेणुका मेहरा द्वारा प्राप्त किया गया। श्री सिंह ने मतदाता जागरूकता पर एक जानकारीपूर्ण व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने मतदाताओं के अधिकारों और कर्तव्यों पर बल दिया। मतदाता जागरूकता सत्र का फोकस युवा मतदाताओं को चुनावी प्रक्रियाओं का व्यापक ज्ञान प्रदान करके लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत बनाने पर रहा।
दिन का एक प्रमुख आकर्षण “इलेक्टोरल अवेयरनेस मॉक पार्लियामेंट 3.0” था, जो संसद के निचले सदन की प्रतिकृति के साथ दूसरी मंजिल पर मंचित किया गया। इस प्रतियोगिता में स्पीकर, सचिव और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष से प्रत्येक के दस प्रतिनिधियों सहित विभिन्न भूमिकाएं शामिल थीं। 23 छात्रों ने “डिजिटल अर्थव्यवस्था और साइबर सुरक्षा” तथा “मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल नशा और युवाओं का कल्याण” जैसे दो प्रमुख विषयों पर सक्रिय रूप से चर्चा में भाग लिया। श्री बहादुर सिंह सहित अन्य निर्णायकों और एनएसएस स्वयंसेवकों ने मॉक पार्लियामेंट के लिए ज्यूरी के रूप में कार्य किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच छात्रों को पदक और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ, जिससे एकजुटता, देशभक्ति और मजबूत व भागीदारीपूर्ण लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता की भावना जागृत हुई।

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