चंडीगढ़। देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्थानीय सांसद मनीष तिवारी ने वकील समुदाय से आगे आकर इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
तिवारी सेक्टर-42 स्थित कम्युनिटी सेंटर में जिला अदालत, चंडीगढ़ के वकीलों के एक बड़े समागम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन अधिवक्ता भाग सिंह सुहाग और अधिवक्ता पवन शर्मा ने किया।
मनीष तिवारी ने कहा कि मुख्यधारा का दृश्य-श्रव्य मीडिया अपनी पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग के कारण पहले ही लोगों के आक्रोश का सामना कर रहा है। अब न्यायिक व्यवस्था के प्रति भी जनता का विश्वास कमजोर होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ अदालतों में 4.92 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं, जबकि देशभर के उच्च न्यायालयों में करीब 65 लाख और सर्वोच्च न्यायालय में लगभग 85 हजार मामले फैसले की प्रतीक्षा में हैं।
उन्होंने कहा कि मामलों की इतनी बड़ी संख्या में लंबितता का सीधा अर्थ है कि वादियों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। न्याय मिलने में हो रही देरी के कारण लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संविधान के महत्वपूर्ण स्तंभों के प्रति जनता के विश्वास में हो रहे क्षरण को नहीं रोका गया, तो इसके देश के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
तिवारी ने दुनिया भर के समाजों में वकीलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब भी कोई देश अपनी दिशा से भटकता है, तो वकील समुदाय आगे आकर उसे सही रास्ता दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने वकीलों से लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और संविधान की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अधिवक्ता डीपीएस रंधावा, चंद्रमुखी शर्मा, राजीव शर्मा, एनके नंदा और हरमेल केसरी ने भी अपने विचार रखे। मंच का संचालन अधिवक्ता पवन शर्मा ने किया।
