सीआईआई आईडब्ल्यूएन चंडीगढ़ ट्राईसिटी चैप्टर ने शीबिल्ड्स कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया

 

कॉन्क्लेव महिला लीडर्स को विज़न, इनोवेशन और एंटरप्राइज़ के ज़रिए भविष्य बनाने के लिए प्रेरित करने का सफल प्रयास

चंडीगढ़, 20 मई, 2026: कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के इंडियन वीमेन नेटवर्क (आईडब्ल्यूएन), चंडीगढ़ ट्राईसिटी चैप्टर ने “फ्रॉम विज़न टू वेंचर: वीमेन बिल्डिंग टुमारो” (विज़न से वेंचर तक: महिलाएं कल का निर्माण कर रही हैं) थीम पर शीबिल्ड्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इस आयोजन में जानी-मानी महिला लीडर्स, एंटरप्रेन्योर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स एक साथ आईं और उन्होंने लीडरशिप, इनोवेशन, ब्रांडिंग, फाइनेंशियल ग्रोथ और अलग-अलग सेक्टर्स में रुकावटों को तोड़ने जैसे विषयों पर विस्तार से गहन चर्चा की गई।

इस मौके पर बोलते हुए, आईडब्ल्यूएन चंडीगढ़ ट्राईसिटी चैप्टर की चेयरपर्सन, साक्षी कत्याल ने कहा कि “शीबिल्ड्स कॉन्क्लेव की आयोजन एक ऐसे प्लेटफॉर्म के तौर पर किया गया, जो उन महिलाओं का सम्मान करे और उन्हें सशक्त बनाए, जो साहस, रचनात्मकता और लीडरशिप के साथ इंडस्ट्रीज़ में बदलाव ला रही हैं। सार्थक बातचीत और साझा अनुभवों के ज़रिए, हमारा लक्ष्य ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को प्रेरित करना है, ताकि वे अपने विज़न को प्रभावशाली वेंचर्स में बदल सकें।”

कॉन्क्लेव की शुरुआत आईडब्ल्यूएन चंडीगढ़ ट्राईसिटी चैप्टर की चेयरपर्सन, साक्षी कत्याल के स्वागत भाषण और थीम पेश करने के साथ हुई। इस कार्यक्रम में सुश्री संदीप रियात, मैनेजिंग डायरेक्टर, अकाल स्प्रिंग लिमिटेड, नंदिनी चौधरी, चेयरपर्सन, आईडब्ल्यूएन नॉर्दर्न रीजन और मुख्य अतिथि हरगुनजीत कौर, मैनेजिंग डायरेक्टर, पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने भी संबोधित किया। समापन भाषण आईडब्ल्यूएन चंडीगढ़ ट्राईसिटी चैप्टर की को-चेयरपर्सन, डॉ. लिपि पाठक ने दिया।

‘स्केलिंग एस्थेटिक्स एंड ब्रांड लॉयल्टी’ (सौंदर्य और ब्रांड समर्पण को बढ़ाना) विषय पर पहली पैनल चर्चा में यह पता लगाया गया कि कैसे बिज़नेस एक प्रतिस्पर्धी बाज़ार में ग्राहकों की निष्ठा को मजबूत करते हुए, रणनीतिक रूप से अपनी एस्थेटिक अपील को बढ़ा सकते हैं। इस सेशन में एक यादगार और सुसंगत पहचान बनाने के लिए डिज़ाइन, ब्रांडिंग और ग्राहक अनुभव को एक साथ लाने के महत्व पर ज़ोर दिया गया, साथ ही लंबे समय तक ब्रांड मूल्य बनाए रखने के लिए इनोवेशन और डिजिटल जुड़ाव का लाभ उठाने की बात कही गई।

इस पैनल का संचालन आईनिफ्ड की फाउंडर-डायरेक्टर, रितु कोचर ने किया। पैनलिस्टों में सुरूचि सवलानी, मैनेजिंग डायरेक्टर, कलर लाउंज, दृष्टि मिश्रा खुराना, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, खुराना ज्वैलरी हाउस और रिंकी ढींगरा, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, वायोला मार्केटिंग एंड इवेंट्स शामिल थीं। सेशन का समापन रितु कोचर के समापन भाषण के साथ हुआ।

‘ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग इन ट्रेडिशनल स्ट्रॉन्गहोल्ड्स’ (पारंपरिक गढ़ों में ‘ग्लास सीलिंग’ को तोड़ना) थीम पर दूसरी पैनल चर्चा में, पारंपरिक रूप से पुरुषों के वर्चस्व वाली इंडस्ट्रीज़ में महिला लीडर्स के सामने आने वाली चुनौतियों और अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया। वक्ताओं ने व्यवस्थागत बाधाओं को पार करने, नेतृत्व के मानदंडों को फिर से तय करने और लचीलेपन व सहयोग के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा देने के अपने अनुभव साझा किए।

इस सत्र का संचालन टॉयनोर प्राइवेट लिमिटेड की फाइनेंशियल एनालिस्ट, तरुणा ने किया। पैनलिस्टों में द नैरेट्स परफॉर्मिंग आर्ट सोसायटी की फाउंडर और डायरेक्टर, निशा लूथरा; वेड मेरीटाइम ग्रुप की को-फाउंडर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, रितु भाटिया; और मैप्रो रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड की फाउंडर, इंदरजीत औलख शामिल थे। चर्चा का समापन तरुणा की समापन टिप्पणियों के साथ हुआ।

‘मानव और वित्तीय पूंजी का भविष्य’ विषय पर अंतिम पैनल चर्चा में आज की तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था में वर्कफोर्स डेवलपमेंट, इनोवेशन और सस्टेनेबल फाइनेंशियल ग्रोथ के उभरते और बढ़ते प्रभाव की पड़ताल की गई। विशेषज्ञों ने प्रतिभा में निवेश करने, संसाधनों का अधिकतम और बेहतरीन उपयोग करने और लॉन्गटर्म वैल्यू क्रिएशन को बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी को एकीकृत करने की रणनीतियों पर विस्तार के साथ चर्चा की।

इस सेशन का संचालन वाह टी की को-फाउंडर, उपासना टोडी ने किया। पैनलिस्टों में आईडब्ल्यूएन नॉर्दर्न रीजन की चेयरपर्सन, नंदिनी चौधरी; इनोवेटिव फाइनेंशियल मैनेजमेंट की डायरेक्टर, डॉ. अमनजोत कौर; और फ्लोरियल की फाउंडर और मालिक, वंशिका मित्तल शामिल थीं। चर्चा का समापन उपासना टोडी की समापन रिमार्क के साथ हुआ।

आईडब्ल्यूएन चंडीगढ़ ट्राईसिटी चैप्टर की को-चेयरपर्सन, डॉ. लिपि पाठक ने कहा कि “इस कॉन्क्लेव ने महिला लीडर्स के बीच सहयोग, इनोवेशन और लचीलेपन की ताकत को दर्शाया। जैसे-जैसे इंडस्ट्री विकसित हो रही हैं, ऐसे इकोसिस्टम का निर्माण जारी रखना महत्वपूर्ण है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए इनक्लूजन, परामर्श और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को प्रोत्साहित करें।”

इस सम्मेलन में आंत्रप्रेन्योर्स, प्रोफेशनल्स और इंडस्ट्री लीडर्स और महत्वाकांक्षी महिला परिवर्तन निर्माताओं की ओर से उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जिसने नेतृत्व, आंत्रप्रेन्योरशिप और इनक्लूसिव विकास को बढ़ावा देने के प्रति सीआईआई आईडब्ल्यूएन की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

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