पुरानी पेंशन और भत्तों को लेकर ईटीटी अध्यापक यूनियन पंजाब ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में कॉन्फ्रेंस कर आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान

कैबिनेट मंत्रियों के गांवों में की जाएंगी कर्मचारी सभाएं, मंत्रियों को दिया जाएगा निमंत्रण पत्र
अनामली के मुद्दे पर आज डीपीआई से मिलकर दी आखिरी चेतावनी: जसविंदर सिद्धू
चंडीगढ़, 4 मई: पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा कर्मचारियों से किए गए वादों को पूरा न करने के कारण प्रदेश भर में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। अब यह असंतोष बड़े जनसंघर्ष का रूप लेने जा रहा है।
ईटीटी अध्यापक यूनियन पंजाब ने आज सेक्टर-27 स्थित Chandigarh Press Club में आयोजित राज्य स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार को खुली चुनौती देते हुए ‘करो या मरो’ संघर्ष का ऐलान किया।
इस दौरान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जसविंदर सिंह सिद्धू ने अपनी टीम के साथ आगामी संघर्ष की रणनीति साझा की। उन्होंने बताया कि 6 से 10 मई तक पूरे पंजाब में जिला स्तर पर बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 24 मई से पुरानी पेंशन योजना लागू करने, कर्मचारियों का डीए जारी करने, जनगणना, बीएलओ और अन्य गैर-शैक्षणिक ड्यूटी समाप्त करने तथा कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर कैबिनेट मंत्रियों के गांवों में कर्मचारी सभाएं आयोजित की जाएंगी।
इन सभाओं की शुरुआत कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के गांव से होगी और क्रमवार गੁਰमीत सिंह खुडियां, अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा, संजीव अरोड़ा, महिंदर भगत और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के गांवों में सभाएं होंगी। इन कार्यक्रमों में मंत्रियों के लिए मंच पर कुर्सी लगाई जाएगी और उनसे जनता के बीच अपने चुनावी वादों और पेंशन संबंधी घोषणाओं पर जवाब मांगा जाएगा।
यूनियन प्रतिनिधि एक सप्ताह पहले संबंधित मंत्रियों को औपचारिक निमंत्रण देंगे। यदि मंत्री या मुख्यमंत्री इन सभाओं में शामिल नहीं होते, तो पूरे पंजाब में जनसभाएं कर सरकार की नीतियों का खुलासा किया जाएगा।
इसके बाद कर्मचारी और पेंशनर ‘नो वोट फॉर आप पार्टी’ के पोस्टर अपने घरों और गांवों में लगाकर विरोध जताएंगे। यूनियन ने कहा कि इस आंदोलन से ऐसा माहौल बनाया जाएगा कि भविष्य में आप नेताओं का गांवों और शहरों में जाना मुश्किल हो जाएगा।
सिद्धू ने कहा कि यह देश के इतिहास में पहली बार है कि किसी सरकार ने चुनाव से पहले पुरानी पेंशन बहाल करने का ऐलान, कैबिनेट में मंजूरी और नोटिफिकेशन जारी करने के बावजूद इसे लागू नहीं किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो पंजाब में बड़ा आंदोलन शुरू होगा।
इसके अलावा यूनियन ने डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (एलिमेंट्री) से मुलाकात कर अनामली लागू करने, बकाया जारी करने और जनगणना में शिक्षकों की ड्यूटी खत्म करने की मांग को लेकर अंतिम ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी गई कि यदि यह मुद्दा जल्द हल नहीं हुआ तो 13 मई को मोहाली स्थित डीपीआई कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
इस मौके पर यूनियन के वरिष्ठ नेता बलराज सिंह घलोटी, उंकार सिंह, प्रेस सचिव राजेश कुमार सहित विभिन्न जिलों के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

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