पूर्णाहुति के पश्चात् संपन्न हुआ भगवान श्रीराम कथा का आयोजन

श्री राम की कथा का उद्देश्य समाज में धार्मिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को सुदृढ़ करना: नीना तिवाड़ी, प्रधान, महिला सुंदरकांड सभा

चंडीगढ़ 12 मार्च 2026: महिला सूंदरकांड सभा (रजि) द्वारा सेक्टर 40 स्थित श्री हनुमंत धाम के समीप लगते पार्क में में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा पूर्णाहुति के पश्चात् विधि विधान के साथ संपन्न हो गई। इस अवसर पर प्रात:काल श्री हनुमंत धाम परिसर में बह्मामणों द्वारा सभा की प्रधान नीना तिवाड़ी अध्यक्षता में वेद पाठ, श्रीगणेश पूजन, नवग्रह पूजन, गायत्री जप, महामृत्युंजय पाठ, गीता पाठ और रामायण मूल पाठ किया गया। तत्पश्चात् भव्य हवन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभा सदस्यों पाल शर्मा, उषा सिंगला, कुमुद, गायत्री, अलका जोशी, सरला, दीप्ति, सुदर्शन शर्मा, सुनीता आनंद, राज कालिया, सुशीला केसर कमलेश, कंचन, बबली और उर्मिल सहित अन्य महिलाऐं भी उपस्थित थे। अंतत: विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया।

श्री राम कथा में श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए परम् पूज्य श्री हरि जी महाराज ने श्रीराम द्वारा लंका पर विजय की कथा, भगवान श्री राम का अयोध्या वापिसी तथा उनका अभिषेक की सुंदर कथा का श्रवण करवा कर उपस्थित श्रद्धालुओं का समां बांधा। उन्होंने बताया कि श्री राम कथा का पाठ ही सतत् जीवन को आनंदमयी कर देता है, जो व्यक्ति अपने घर में श्री रामचरित्रमानस की चौपाइयों का भाव सहित पाठ करेगा उसे संकट आ ही नही सकता। इसके अलावा उन्होनें प्रथम दिन से अब तक की सारी कथा का सिंहावलोकन करवाया तथा कथा में भगवान राम की विभिन्न लीला एवं प्रसंग सूना पुन: राम कथा ससि किरण समाना की गहन व्याख्या के साथ कथा मेंं उपस्थित सब के हृदय में श्री सीता राम लक्ष्मण श्री हनुमान जी को स्थापित करवा कर अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण स्वीकार कर विदाई ली।

इस अवसर पर महिला सुंदरकांड सभा की प्रधान नीना तिवाड़ी ने कहा कि श्री राम की कथा का उद्देश्य समाज में धार्मिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को सुदृढ़ करना है। भगवान श्री राम का आदर्श जीवन आज भी मानवता को सत्य, मर्यादा, धर्म और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि श्री राम कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन को पवित्र और प्रेरणादायक बनाता है। जो श्रद्धालु भक्ति भाव से श्री राम की कथा सुनते हैं, उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य आता है और वे धर्म, प्रेम और सदाचार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित होते हैं।

उन्होंने कहा कि श्री राम कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य प्रेरणा है। इस प्रकार के पावन आयोजन को हम प्रति वर्ष करते रहेंगे, ताकि समाज में धर्म, भक्ति और संस्कारों का प्रसार होता रहे और अधिक से अधिक श्रद्धालु श्री राम कथा का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन में उन्हें शहरवासियों से बहुत प्रेम और सहयोग मिला, जिसके लिए वे सभी श्रद्धालुओं की हृदय से आभारी हैं।

 

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