Chandigarh
बीजेपी चंडीगढ़ व्यापार प्रकोष्ठ के पूर्व मीडिया प्रभारी और आर.एस.एस. प्रथम वर्ष प्रशिक्षित जसपाल सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी जी और संघ प्रमुख मोहन भागवत जी से निवेदन किया है कि वह राष्ट्रहित में तुरंत जरूरी आदेश पारित करें कि आई.पी.एस. वाई पूर्ण कुमार आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में दर्ज FIR पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए ।
अजीब विडंबना है जिनके खिलाफ एफआईआर हो रखी है, वो बेख़ौफ़ हैं । यही बस नहीं हरियाणा की कुछ खाप पंचायतों ने जातिवादी नफरत को अपनाकर अपने तौर पर दोषियों को निर्दोष कहना शुरू कर दिया है । सरकारी तौर पर गठित एस. आई. टी. जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई तो यह तथाकित पंचायती किस आधार पर संवैधानिक वैज्ञानिक आधार पर दर्ज FIR को गलत करार दे रहे हैं और दोषियों को निर्दोष बता रहे हैं ।
जसपाल सिंह ने कहा कि इस मामले में जिस तरह कानूनी प्रक्रिया को नजर अंदाज करके भेदभाव के आरोप लग रहे हैं उससे पूरे देश में गलत संदेश जा रहा है । देश के लिए और हर भारतवासी के लिए कानून और संविधान का राज अच्छा माना जाता है और जंगल राज को गलत माना जाता है ।
आर.एस.एस. प्रथम वर्ष प्रशिक्षित जसपाल सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी जी और संघ प्रमुख मोहन भागवत जी से निवेदन किया है कि वह राष्ट्रहित में इस मामले को हल्के तौर पर ना लें । हर मानवता समर्थक भाजपा के कार्यकर्ता, संघ स्वयंसेक और सनातन धर्म समर्थक को चाहिए कि वह राष्ट्र हित के लिए इस मामले में तुरंत करवाई करने के लिए अपनी आवाज़ उठाएं ।
जसपाल सिंह ने भाजपा और संघ को चेतावनी देते हुए कहा की अगर यह मान भी लिया जाए कि भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं की संख्या 10 करोड़ है तो भी सोचना चाहिए की भारत की आबादी 140 करोड़ है अगर 140 करोड़ में से 10 की अपेक्षा 20 करोड़ भाजपा के साथ है तो 120 करोड़ भारतवासी अगर भाजपा के खिलाफ खड़े हो गए तो क्या होगा । यह ध्रुवीकरण अगर हुआ तो भाजपा और संघ के साथ-साथ कट्टरवादी तथा कथित सनातनियों के लिए खतरे की घंटी होगा ।
