एफ एंड सीसी मीटिंग में कर्मचारियों के दुरुपयोग का मुद्दा उठा, पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

 

चंडीगढ़ नगर निगम की 30 मार्च को एफ एंड सीसी (Finance & Contract Committee) की बैठक में उस समय माहौल गरमा गया जब पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

पार्षद बंटी ने आरोप लगाया कि रोड डिवीजन नंबर-1 के तीन कर्मचारियों को मनमाने ढंग से डिवीजन नंबर-2 में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे उनके वार्ड में विकास कार्य प्रभावित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जसप्रीत सिंह (एम टी एस) को बिना किसी अनुमति के एसडीओ अपने साथ लेकर जा रहे हैं और उनसे निजी कार्य, जैसे गाड़ी चलवाने, के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है।

उन्होंने चरणप्रीत सिंह के मामले को भी उठाया और बताया कि ट्रांसफर से पहले वह आर-10 क्षेत्र में कार्य कर रहे थे, जबकि उनकी ड्यूटी आर-6 में निर्धारित थी। इस पर जब पार्षद ने अधिकारियों से जवाब मांगा तो संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। अधिकारियों द्वारा यह स्वीकार किया गया कि वह आर-10 में “अवैध रूप से” कार्य कर रहे थे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह सब किसके निर्देश पर हो रहा था।

बैठक के दौरान एक अधिकारी द्वारा यह बयान देना कि “मैं अपनी डिवीजन के कर्मचारियों को जहां चाहूं भेज सकता हूं” प्रशासनिक मनमानी और जवाबदेही की कमी को दर्शाता है।

पार्षद बंटी ने यह भी कहा कि जसप्रीत सिंह, चरणप्रीत सिंह और परमिंदर सिंह के ट्रांसफर के बाद उनके वार्ड के कई कार्य लंबित पड़े हैं, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने मेयर से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब नगर निगम में बायोमेट्रिक सिस्टम लागू है, तो इस तरह की अनियमितताएं कैसे हो रही हैं।

पार्षद ने निगम प्रशासन पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा।

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