भागवत कथा में छप्पन भोग और गोवर्धन पूजा का महत्व बताया।

 

नंद रानी तेरो लाला जबर भयो रे

बांके बिहारी तेरे नाल वे मे ता ला ललिआ अखिया

चंडीगढ़ ( ) श्रीमद्भागवत कथा कमेटी प्रोग्रेसिव एवं अन्य सोसाइटी समस्त सदस्यों द्वारा पार्क नजदीक फ्लैट नंबर 1631 प्रोग्रेसिव सोसाइटी सेक्टर 50-B चंडीगढ़ मे आयोजित श्रीमद् भागवत कथा मे कथा व्यास श्री विजय शास्ती जी
ने अपनी अमृतमयी वाणी से कथा में कृष्ण भगवान का जन्म उत्सव संगीतमय भजनों द्वारा मनाया गया और भगवान श्रीकृष्ण की बाललीलाओं का प्रसंग सुनाया। इस अवसर पर व्यासजी ने कृष्ण भगवान के जन्मोत्सव, उनके नामकरण और पूतना वध के साथ माखनचोरी की लीलाओं का वर्णन किया
“नंद रानी तेरो लाला जबर भयो रे”,,
जिसे सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथा व्यास ने बताया कि भगवान ने अपनी लीलाओं से जहां कंस के भेजे विभिन्न राक्षसों का संहार किया, वहीं ब्रज के लोगों को आनंद प्रदान किया कथा व्यास ने कहा कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था। उसका गर्व दूर करने के लिए भगवान ने ब्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी। इससे गुस्साए इंद्र ने ब्रजमंडल पर भारी बरसात कराई। प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ। इस मौके पर गोवर्धन लीला का वर्णन एवं गोवर्धन पूजन का उत्सव मनाया इस अवसर समस्त भगतो ने कथा और संगीतमय भजनों का आनन्द लिया इस अवसर समस्त सोसाइटी एवम महिला संकीर्तन मण्डल के सभी सदस्य उपस्थित रहे

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