भव्य श्रीराम कथा में समर्पण, भक्ति और पवित्रता का संदेश

भव्य श्रीराम कथा

 

“राम रमैया गाये जा” जैसे भावपूर्ण भजनों से भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु

चंडीगढ़, 7 मार्च 2026: सेक्टर-40-बी स्थित श्री हनुमंत धाम के समीप लगते पार्क में भक्ति, श्रद्धा और राम नाम के मधुर स्वर से गूंज रहा है। सुंदरकांड सभा (रजि.), चंडीगढ़ द्वारा 12 मार्च तक यहां आयोजित भव्य श्रीराम कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर प्रभु श्रीराम की महिमा का श्रवण कर रहे हैं और भक्ति रस में सराबोर हो रहे हैं।

कथा व्यास श्री हरि जी महाराज ने कथा के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए मन में सच्चा समर्पण, निर्मलता और पवित्रता का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपने भीतर की अशुद्धियों को त्यागकर सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है, तब प्रभु की कृपा सहज ही प्राप्त हो जाती है।

उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण की प्रेरणा है।

कथा के दौरान श्री हरि जी महाराज ने भगवान श्रीराम के अनेक सुंदर भजन भी प्रस्तुत किए। “राम रमैया गाये जा”, “मुख बोलता है या तू बोलता है”, “लगन प्रभु से लगा बैठा”, “चली शंकर की बारात” और “हे धन्य तेरा माया इस युग में” जैसे भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों की मधुर धुन और राम नाम की गूंज ने ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बनाया कि श्रद्धालु भाव-विभोर होकर प्रभु के गुणगान में लीन हो गए।

इस अवसर पर महिला सुंदरकांड सभा की प्रधान नीना तिवाड़ी ने कथा में आये गणमान्य व्यक्तियों और शहर की विभिन्न कीर्तन मंडलियों की महिलाओं को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि यहां प्रतिदिन भगवान श्रीराम और श्रीहनुमान जी का कीर्तन आयोजित किया जा रहा है। कीर्तन से पूर्व ज्ञानी पंडितों द्वारा भगवान श्रीराम और श्रीहनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है।

उन्होने कहा कि लोगों के मन में आज भी प्रभु श्रीराम के आदर्शों और भक्ति के प्रति गहरी आस्था बनी हुई है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु कथा और कीर्तन के माध्यम से न केवल आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर रहे हैं, बल्कि अपने जीवन को प्रभु के आदर्शों के अनुरूप ढालने की प्रेरणा भी प्राप्त कर रहे हैं।

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