रास रच्यो है रास रच्यो है यमुना किनारे श्याम रास रच्यो है

  • भगवान श्री कृष्ण रुक्मणि विवाह धूम धाम से मनाया गया
  • आओ मेरी सखियो मुझे मेहँदी लगा दो,

चंडीगढ़ ( )श्री सनातन धर्म सेवा प्रचार संगठन धनास द्वारा आश्विन पान महालय पितुपक्ष के पावन शुभ अवसर “श्रीमद भागवत महापुराण कथा” का भव्य आयोजन कथा स्थल : डबल स्टोरी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, धनास (से० 14 वेस्ट) चंडीगढ़ मे व्यास श्रद्धेय श्री शिवदत्त बहुगुणा जी के श्री मुख से कथा हो रही है इस अवसर पर
आचार्य दुर्गेश बिंजोला जी ने बताया की आज की कथा मे मुख्य अतिथि
आचार्य सुभाष शास्त्री कथा व्यास सहित कई गणमान्य की उपस्थिति मे कथा व्यास ने अमृतमयी वाणी से कथा मे द्वारा श्रीमद्भागवत कथा प्रारंभ करते हुए भगवान की अनेक लीलाओं मे कंस वध में श्रेष्ठतम लीला रास लीला का वर्णन किया भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान की महारास लीला इतनी दिव्य है कि स्वयं भोलेनाथ उनके बाल रूप के दर्शन करने के लिए गोकुल पहुंच गए। महाराज द्वारा कथा सुनाते हुए भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग को सुनाते हुए बताया कि रुक्मणी विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार थी। रुक्मणी श्री कृष्ण विवाह प्रसंग कथा ओर भजनो के माध्यम से बताया

आओ मेरी सखियो मुझे मेहँदी लगा दो,
मेहँदी लगा दो, मुझे सुन्दर सजा दो,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो,,,,

सावरा मेरा सावरा मेरा सावरा
लूट के ले गया दिल ज़िगर सावरा जादूगर,,,,,,,

भजनों के साथ भगत नृत्य करने लगे।कथा मे टॉयसिटी के भगतों सहित महिला संर्कीतन मण्डली के सदस्यों ने उपस्थिति दी कार्यक्रम उपरान्त प्रसाद वितरित किया गया
इस अवसर पर
आचार्य दुर्गेश बिंजोला ने बताया की कल कथा विराम पर यज्ञ पूर्णाहुति और कथा सुबह 10 वजे से और दोपहर 1 बजे भण्डारा होगा

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