- आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ मित्तल सरल टैक्स कानून और यीज ऑफ डूइंग बिजनेस की भी मांग करेंगे।
जालंधर 20 जुलाई 2025- राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर, चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल संसद के कल (21 जुलाई) से शुरू हो रहे मानसून सत्र में कई अहम राष्ट्रीय मुद्दे उठाने के लिए तैयार हैं। उनका फोकस मुख्य रूप से विमान सुरक्षा, टैक्स नियमों में सरलता और मध्य और छोटे वर्ग के व्यापार को आसान बनाने जैसे विषयों पर रहेगा क्योंकि यह आम लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी से जुड़े मुद्दे हैं।
सबसे पहले डॉ. मित्तल 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया 171 विमान हादसे के बाद विमान सुरक्षा नियमों पर तुरंत चर्चा की मांग कर सकते हैं। इस हादसे में 260 यात्रियों की जान चली गई थी। वे डीजीसीए (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) की हालिया ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई गंभीर खामियों को भी उजागर करेंगे।
डॉ. मित्तल ने इस बारे में बताते हुए कहा कि अहमदाबाद हादसा सिर्फ एक हादसा नहीं था, बल्कि यह एक चेतावनी थी। भारत का एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और हम सुरक्षा नियमों में कमी की वजह से लोगों की जान खतरे में नहीं डाल सकते। मैं सरकार से जानना चाहता हूँ कि एक मजबूत सेफ्टी सिस्टम बनाने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जा रहे हैं। एक पॉलिसी मेकर के रूप में हमारा फर्ज है कि हम देश के नागरिकों को यह भरोसा दिलाएं कि वे सुरक्षित हैं।
यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ डॉ. मित्तल इनकम टैक्स (संशोधन) बिल और जन विश्वास बिल जैसे अहम विधेयकों पर सकारात्मक चर्चा की उम्मीद भी कर रहे हैं। इन विधेयकों का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को बेहतर बनाना, आम नागरिकों पर नियमों के पालन का बोझ कम करना और छोटे उद्योगों व उद्यमियों के लिए बिजनेस करना आसान बनाना है।
डॉ. मित्तल ने आम जनता के हित और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर नीतिगत फैसलों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि चाहे टैक्स सुधार हो या यात्रा की सुरक्षा, हमारा हर फैसला लोगों का बोझ कम करने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए होना चाहिए। यही हमारी असली ज़िम्मेदारी है!
डॉ मित्तल द्वारा सदन में पेश किए जाने वाले अन्य मुद्दे
जियोहेरिटेज साइट्स और जियो-रिलिक (संरक्षण और देखभाल) बिल, 2025 । इस बिल के तहत डॉ. मित्तल पंजाब की जियोहेरिटेज साइट्स के लिए विशेष सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल और एंटी-डोपिंग बिल । ये दोनों बिल भारत के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए बनाए गए हैं।
