राहुल गाँधी द्वारा छठ पूजा को ड्रामा बताना बिहार की आस्था और श्रद्धा पर कटाक्ष: देवशाली

राहुल गाँधी का बयान छठी मैया के भक्तों की आस्था और परंपराओं का सरासर अपमान: देवशाली
राहुल गाँधी ने किया छठी मैया और उनके भक्तों का अपमान : देवशाली
चंडीगढ़ नगर निगम के पूर्व पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के संबंध में दिए गए बयान को अत्यंत आहत करने वाला और अस्वीकार्य बताते हुए इसे बिहार की आस्था और श्रद्धा पर कटाक्ष बताया। छठ पर्व करोड़ों भारतीयों खासकर बिहार और पूर्वांचल के लोगों के लिए एक अद्वितीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व रखता है और इसे भारत और विदेशों में अनगिनत परिवार अटूट श्रद्धा के साथ मनाते हैं। इस पवित्र अनुष्ठान को “नाटक” कहना और इसे मनाने वालों की निष्ठा पर प्रश्नचिह्न लगाना छठी मैया के भक्तों की आस्था और परंपराओं का सरासर अपमान है।
देवशाली ने कहा कि ऐसी अपमानजनक टिप्पणियाँ न केवल इस पर्व और इसकी परंपराओं का, बल्कि उन करोड़ों लोगों की भावनाओं का भी अपमान करती हैं जिनके लिए छठ पूजा आशा, दृढ़ता और एकता का स्रोत है। यह पर्व अटूट अनुशासन, पर्यावरण जागरूकता, सामूहिक पूजा और महिलाओं के धैर्य और उनके परिवारों की खुशहाली के लिए प्रार्थना का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने सदियों से चली आ रही परंपराओं को कमतर आंकने का विकल्प चुना है। राजनीतिक विमर्श में असहमति या आलोचना कभी भी भारत के त्योहारों से जुड़ी मान्यताओं और भावनाओं का अपमान करने की सीमा पार नहीं करनी चाहिए। ऐसे बयान न केवल हमारे समाज में विघटन को बढ़ावा देते हैं अपितु हमारे राष्ट्र की सामूहिक मानसिकता को भी आहत करते हैं।
देवशाली ने छठी मैया में आस्था रखने वाले सभी भक्तजनों की धार्मिक भावनाओं को आघात पहुँचाने और उनकी असंवेदनशील टिप्पणियों के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सार्वजनिक माफ़ी मांग करते हुए कहा कि किसी भी राजनैतिक व्यक्ति को सत्ता-लोलुपता में अंधा होकर इस प्रकार सनातन धर्म की आस्थाओं का अपमान नहीं करना चाहिए और सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।

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