Chandigarh
डॉ. विश्वास चितले, फेलो, काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) ने कहा, “इस साल समय से पहले तापमान में बढ़ोतरी एक स्पष्ट चेतावनी का संकेत है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश भर में तापमान सामान्य से अधिक रहने और सामान्य से अधिक लू (हीटवेव) वाले दिनों का पूर्वानुमान जताया है।
मार्च की शुरुआत में ही कई स्थानों पर सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है, जिसमें दिल्ली भी शामिल है, जहां तापमान सामान्य से 7 डिग्री अधिक है। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर में हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल कुछ गर्म दिनों की बात नहीं है, बल्कि भारत के लगभग 57 प्रतिशत जिले उच्च से अत्यधिक उच्च गर्मी के जोखिम की श्रेणी में आते हैं, जहां देश की लगभग 76 प्रतिशत आबादी रहती है।
इसका अर्थ है कि अधिकांश भारतीय पहले से ही भीषण गर्मी के प्रति अत्यधिक सुभेद्य (वulnerable) क्षेत्रों में रहते हैं। जैसे-जैसे समय से पहले तापमान बढ़ेगा और लंबे समय तक उच्च तापमान बना रहेगा, चाहे स्वास्थ्य हो, आजीविका हो या स्थानीय अर्थव्यवस्था—सभी के लिए जोखिम और गहराता जाएगा।
यह आगामी महीनों में तापमान के चरम बिंदु पर पहुंचने से पहले प्रारंभिक तैयारियां करने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है। इसमें समय पर हीट एक्शन प्लान तैयार करना, स्पष्ट सार्वजनिक सलाह जारी करना और सबसे कमजोर तबकों के लिए लक्षित सुरक्षा उपाय लागू करना जैसे कदम शामिल हैं।”
