देवी देवताओं के अलौकिक स्वरूपों की चित्रकला प्रदर्शनी

चंडीगढ़ ( )सेक्टर-34 के मेला ग्राउंड में चल रही शिव महापुराण कथा मे कथा वाचक चित्र विचित्र महाराज ने कहा सनातन धर्म में हरि (विष्णु) और हर (शिव) को एक ही सत्ता के दो रूप माना जाता है, इसलिए उनमें कोई भेद नहीं है। वे दोनों एक-दूसरे के पूरक और आराध्य हैं, जहाँ ‘हरि’ पापों का हरण करते हैं और ‘हर’ दुखों को हरते हैं। ‘हरिहर’ रूप उनकी एकता को दर्शाता है।
इसी कार्यक्रम के कथा स्थल पंडाल मे श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर सोनाक्षी जी महाराज के सानिध्य में परिक्रमा स्टूडियोज द्वारा देवी देवताओं के अलौकिक स्वरूपों की चित्रकला प्रदर्शनी जिस में श्री राम दरबार ,अर्धनारेश्वर ,माता जी, वैष्णो देवी, राधा जी और सालासर महाराज की स्वरूपों की चित्रकला पीयूष पनेसर के हाथों से बनी ऑयल पेंटिंग्स भी प्रदर्शनी भी लगी हुई है प्रदर्शनी मे ज्योति पनेसर ने बताया की यह प्रदर्शनी लगाने का उद्देश्य सनातन धर्म के प्रचार प्रसार है प्रदर्शनी अगामी दिनों मे हरिद्वार मे महाराज जी के आश्रम मे लगेगी

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