श्री राम कथा में शिव विवाह और राम जन्म प्रसंग से भावविभोर हुए श्रद्धालु
श्रद्धा और विश्वास से ही जीवन होता है सार्थक: हरि जी महाराज
चंडीगढ़, 8 मार्च 2026। सेक्टर-40 स्थित श्री हनुमंत धाम के समीप मैदान चल रही श्री राम कथा में रविवार को भक्ति और उत्साह का अनोखा वातावरण देखने को मिला। महिला सुंदरकांड सभा की प्रधान नीना तिवाड़ी के नेतृत्व में आयोजित श्री राम कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और प्रभु श्री राम की महिमा का श्रवण किया।
कथा के दौरान कथा व्यास श्री हरि जी महाराज ने श्रद्धालुओं को जीवन का गूढ़ संदेश देते हुए कहा कि केवल श्रद्धा से काम नहीं चलता, बल्कि श्रद्धा के साथ विश्वास का होना भी अत्यंत आवश्यक है। जब मनुष्य के जीवन में श्रद्धा और विश्वास दोनों का समन्वय होता है, तभी उसका जीवन वास्तव में सार्थक बनता है।
उन्होंने भगवान शंकर और माता पार्वती के विवाह का प्रसंग अत्यंत भावपूर्ण ढंग से सुनाया। शिव विवाह के उपरांत भगवान श्री राम सहित चारों भाइयों के जन्म का प्रसंग सुनाकर वातावरण को और भी भावमय बना दिया। उन्होंने बताया कि भगवान श्री राम का अवतार अनेक कारणों से हुआ, जिनमें चार कारण विशेष माने जाते हैं—विप्र, धेनु, सुर और संत हित। अर्थात ब्राह्मणों, गौमाता, देवताओं और संतों की रक्षा एवं उनकी इच्छा पूर्ण करने के लिए भगवान इस धराधाम पर अवतरित होते हैं।
इस अवसर पर कथा स्थल पर श्री राम जन्म उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। जैसे ही भगवान श्री राम के जन्म का प्रसंग आया, पूरा वातावरण जयकारों और भजनों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को बधाइयाँ देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की, वहीं टॉफियाँ, मिठाइयाँ और बच्चों के लिए खिलौने भी वितरित किए गए, जिससे उत्सव का आनंद और भी बढ़ गया।
कथा व्यास श्री हरि जी महाराज ने जब अपने मधुर स्वर में भजन “प्रगटे हैं चारों भैया अवध में” और “सारे अवध में धूम मची है” प्रस्तुत किए, तो श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए। भजनों की मधुर धुन पर श्रद्धालु झूम उठे और भक्ति भाव से नृत्य करने लगे। इस दौरान पूरा परिसर जय श्री राम के जयकारों और भक्ति के उल्लास से सराबोर हो गया तथा वातावरण पूर्णतः राममय बन गया।
