बद से बतर हालात गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सैक्टर-15 की : न्यू कांग्रेस पार्टी
चंडीगढ़ 30 अगस्त 2025 न्यू कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सुप्रीमो एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के माथे पर एक ओर स्वालिया चिन्ह लगाते शहर वासियों से मीडिया के माध्यम से पूछा क्या आपके बच्चे सुरक्षित हैं स्कूलों में ?
क्योंकि आज एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सैक्टर-15 चंडीगढ़ का दौरा कर स्टूडेंट्स की प्रॉब्लम सुनी जिसके बाद एनसीपी सुप्रीमो ने कहा बद से बतर हालात गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सैक्टर-15 चंडीगढ़ की उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल की इमारतों की हालत की सुध लेने वाला कोई नहीं है। जबसे ये इमारते बनी स्कूल की कितनी बार मरम्मत हो चुकी है शिक्षा विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारीयों को इसकी ओर ध्यान देना चाहिए। कई स्कूलों में दीवारों की हालत बद से बतर है। कैंटीन की दीवारों पर भी पलस्तर नहीं है सफाई व्यवस्था की धज्जियां पूरी तरह उड़ाई जा रही है। कई क्लासों का ब्लाक खतरनाक स्थिति में है। कहीं पर बारिश में छत से पानी टपकता है और दीवारों में दरारें हैं। बाथरूमों की हालत जरूरत से ज्यादा ख़राब है दरवाजे भी खस्ता हाल में है। स्कूल के सभी विद्यार्थी प्रॉपर यूनिफार्म में नहीं आते।
एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने कहा चंडीगढ़ प्रशासन एवं उनके विभागों को पत्राचार करने का कोई फायदा नहीं क्योंकि चंडीगढ़ के ज्यादातर विभागों में उच्च अधिकारी शिकायत पत्र को रदी समझ कर कूड़ा दान में फेंक देते हैं अन्यथा निम्न अधिकारी उन पत्रों को जिन पर करवाई नहीं की जाति उनको इकठ्ठा कर किलो के भाव रदी में बेच कर शाम को पीने का जुगाड़ कर लेते हैं क्योंकि सरकारें उनको हर महीने मुफत की लाखों रूपये तनख्वाह जो दे रही है। उन्होंने कहा इस समय छात्रों की सुरक्षा खतरे में है।
अब हालात ये हैं कि शिक्षा विभाग रिपोर्ट और बच्चों की सुरक्षा के बीच बेबस हो गया है। अस्थायी तौर पर उक्त ब्लाक से संबंधित क्लास रूम चाहे बंद कर दिए हैं, लेकिन वर्षा के दिनों में खतरा बना रहता है। इन दिनों ब्लाक के बरामदे की छत व दीवार खराब हो रही है और क्लासेज में फर्नीचर इतना पुराना है की खराब हो रहा है। नगर निगम चुनाव से पहले सिटी ब्यूटीफुल के स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने का वादा किया गया लेकिन अफ़सोस शहर में भाजपा, कांग्रेस एवं आम आदमी 3 सत्ताधारी पार्टियां सदन में बैठे होने के बावजूद पिछले कई सालों से अपनी तिजोरियां भरने के इलावा कुछ ना कर पाई। स्कूलों के ग्राउंड में लगे पेड़ ऐसी परिस्थिति में है कि वे कभी भी गिर सकते है जो किसी बड़े हादसे को अंजाम दें सकते हैं। घास इतनी बड़ी हो चुकी है उसे भी काटने वाला कोई नहीं। क्लासेज में लगे ब्लैक बोर्ड रिटायर हो चुकी दीवारों की हालत बयां करते थे जिनको छुपाने के लिये पुराने ब्लैक बोर्ड्स पर नये ग्रीन बोर्ड हैंग किये गये।
परिजनों ने एडवोकेट विवेक हंस गरचा को बताया कि टीचर्स का भी स्टूडेंट्स पर कोई खास कण्ट्रोल नहीं है जिस कारण कई स्टूडेंट्स स्कूल बंक करके पार्को में बैठे रहते हैं और छुटी के समय चंडीगढ़ पुलिस की टीम का कोई अधिकारी स्कूल के बाहर नहीं होता जिस कारण आउट साइडर द्वारा ग्रुप बनाकर ट्रैफिक नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जाती है बिना लाइसेंस के नाबालिक बच्चे स्कूलों में वाहन भी लाने लगे हैं, जिन्हें देखने के लिये उनके साथी स्कूल के बाहर खड़े रहते हैं।
चालू शैक्षणिक सत्र 2025-26 का आधे से ज्यादा समय निकल गया था चंडीगढ़ शिक्षा विभाग शहर के सभी स्कूलों में 8वीं एवं अन्य कई क्लासेज को किताबें पूरी तरह मुहैया नहीं करवा पाया। एडवोकेट विवेक हंस गरचा जी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से बात कर किताबें मुहैया करवाई। लेकिन अफ़सोस चंडीगढ़ शिक्षा विभाग द्वारा 8वीं कक्षा हिंदी मिडियम वाले बच्चों को सोशल, साइंस एवं मैथ की किताबें अभी भी मुहैया नहीं हुई।
