मनीष तिवारी और एच.एस. लक्की ने पंजाब विश्वविद्यालय में भूख हड़ताल को दिया समर्थन

एंटी-प्रोटेस्ट हलफनामा वापस लेने और विश्वविद्यालय सीनेट की लोकतांत्रिक संरचना बहाल करने की की मांग

चंडीगढ़, 2 नवम्बर 2025:
पंजाब विश्वविद्यालय छात्र परिषद (PUCSC) के सचिव अभिषेक दागर पिछले पाँच दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। यह विरोध विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लागू किए गए एंटी-प्रोटेस्ट हलफनामे को रद्द कराने और पंजाब विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक सीनेट संरचना को बचाने की मांग को लेकर किया जा रहा है।

आज आंदोलन के पाँचवें दिन, चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी और चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लक्की शाम 5 बजे विरोध स्थल पर पहुँचकर छात्रों का समर्थन करेंगे।

दोनों नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के उस अलोकतांत्रिक रवैये पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिसके तहत छात्रों की आवाज़ को दबाने और सीनेट जैसी प्रतिनिधिक संस्था को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

एच.एस. लक्की ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों और शिक्षाविदों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा, “विरोध की आवाज़ को हलफनामों से दबाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को खत्म करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत एंटी-प्रोटेस्ट हलफनामा वापस लेना चाहिए और सीनेट की लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली को बहाल करना चाहिए।”

मनीष तिवारी ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय की पहचान उसकी शैक्षणिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक भागीदारी की परंपरा से जुड़ी है, जिसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के अलोकतांत्रिक कदम न केवल छात्रों के अधिकारों का उल्लंघन हैं बल्कि देश के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी खतरनाक मिसाल कायम करते हैं।

चंडीगढ़ कांग्रेस नेतृत्व ने विश्वविद्यालय प्रशासन और उच्चाधिकारियों से अपील की है कि वे छात्रों से संवाद स्थापित करें, इस दमनकारी हलफनामे को तुरंत वापस लें और विश्वविद्यालय के गौरवशाली लोकतांत्रिक स्वरूप को बरकरार रखें।

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