आश्विन नवरात्रि की आखिरी रात को जागृति रामलीला समिति ने एक भव्य आयोजन किया। आरती से शुरू होकर लक्ष्मण मोर्चा, कुम्भकर्ण शयन, संजीवनी बूटी, मेघनाथ वध, कुम्भकर्ण वध, रावण वध जैसे दृश्यों का मंचन किया गया। इस दौरान यह भी दिखाया गया रावण अशोक वाटिका में पहुंच कर माता सीता को यह कहकर भ्रमित करने की कोशिश करता है कि उसने राम और लक्ष्मण का वध कर दिया है। माता सीता को उसकी किसी बात पर विश्वास नहीं होता तो रावण अपनी मायावी शक्ति से राम लक्ष्मण के कटे सिर दिखता है। और माता सीता बेहोश होकर गिर जाती है और उन्हें बाद में सत्य का पता चलता है। इस भावुक दृश्य ने वहां बैठे दर्शकों को भी भाव विभोर कर दिया।
अशुतोष रत्न ने रावण की भूमिका, सुरिंदर सिंह ने कुम्भकर्ण की भूमिका, सुनील ने मेघनाथ की भूमिका, सोनिका भाटिया ने माता सीता की भूमिका, हिमांशु ने राम की भूमिका, रोहित ने लक्ष्मण की भूमिका, राम सिंह ने हनुमान की भूमिका, हितेश ने सुग्रीव की भूमिका और आरव ने वैद की भूमिका निभाई। अन्य बाल कलाकारों ने भी अपनी भूमिकाओं को बहुत अच्छी तरह से निभाया।
इस अवसर पर अध्यक्ष अजय जोशी, उपाध्यक्ष रजत घई, महासचिव मोहित शर्मा, भूपिंदर सिंह, राकेश वत्स, सुखविंदर सिंह बंटी, अजीत बल्ली, अनिल कुमार, अशोक बुद्धिराज और समिति के सभी गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। लोगों में बहुत उत्साह देखने को मिला और पंडाल दर्शकों से भरा हुआ था। लोग मंत्रमुग्ध होकर रावण वध तक के दृश्यों को देखते रहे।
