अंतरिम भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के तहत भारत के कृषि और दुग्ध क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित: पीयूष गोयल

चंडीगढ़ (अमरपाल नूरपुरी) – केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज संसद में स्पष्ट रूप से कहा कि हाल ही में घोषित अंतरिम भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के तहत भारत के संवेदनशील कृषि और दुग्ध क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित हैं। अमेरिकी कृषि मंत्री द्वारा भारतीय बाज़ार में अमेरिकी कृषि उत्पादों की पहुँच बढ़ने से जुड़े बयान के बाद किसान संगठनों और राजनीतिक नेताओं द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि घरेलू किसानों और दुग्ध उत्पादकों को नुकसान पहुँचाने वाली कोई भी रियायत नहीं दी गई है। मंत्री गोयल ने सदन को बताया कि भारत ने कृषि और दुग्ध क्षेत्रों की रक्षा करने में सफलता हासिल की है।” उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी भी किसानों के हितों से समझौता नहीं किया है और इस बात पर ज़ोर दिया कि अनुचित प्रतिस्पर्धा से इन क्षेत्रों को बचाने के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि उर्वरक और कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलताओं का पूरा ध्यान रखा गया है। गोयल ने कहा कि लगभग एक वर्ष तक चली गहन बातचीत के बाद तैयार किया गया यह समझौता भारत की उस दीर्घकालिक और दृढ़ नीति को दर्शाता है जिसके तहत मुख्य कृषि उत्पादों, दुग्ध वस्तुओं और अन्य संवेदनशील वस्तुओं पर कोई समझौता नहीं किया जाता। उन्होंने रेखांकित किया कि कृषि बाज़ार को पूरी तरह खोलने या इन उत्पादों पर शून्य शुल्क लागू करने जैसा कोई कदम नहीं उठाया गया है। शुल्क में कोई भी बदलाव केवल गैर-संवेदनशील श्रेणियों तक सीमित है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के कमजोर वर्गों के लिए स्पष्ट सुरक्षा बनाए रखी गई है। किसानों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंत्री गोयल ने कहा कि यह अंतरिम समझौता आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है। इसका उद्देश्य वस्त्र, परिधान, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद और समुद्री खाद्य जैसे श्रम-प्रधान निर्यात को बढ़ावा देना है, जिससे रोज़गार सृजित होंगे और एमएसएमई सशक्त होंगे—बिना कृषि या दुग्ध क्षेत्र को नुकसान पहुँचाए।

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