वाटिका स्पैशल स्कूल, सैक्टर 19-बी, चण्डीगढ़ में आयोजित नशा-मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम में हार्दिक स्वागत किया।

श्री अनूप सरीन, समाजसेवी एवं संस्थापक, भारतीय सांस्कृतिक ज्ञान एवं श्रीमति कविता सोब्ती, मुख्य प्राध्यापिका, ने मुख्य अतिथि, श्रीमति सरिता राव, एस.एच.ओ. पी.एस.19, चण्डीगढ़ का आज वाटिका स्पैशल स्कूल, सैक्टर 19-बी, चण्डीगढ़ में आयोजित नशा-मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम में हार्दिक स्वागत किया।

श्री अनूप सरीन, समाजसेवी एवं संस्थापक, भारतीय सांस्कृतिक ज्ञान ने बताया कि अगर नशा ही करना है तो अपनी पढ़ाई का; खेल का; संगीत का; अपने देश की तरक्की का जुनून पैदा करें। जब आप ऐसा नशा करेंगे तो आप निश्चित रूप से व्यसनों से दूर रहेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कोई नशीली दवाओं के सेवन के लिए बाध्य करता है तो उसको सख्ती से मना करना चाहिए और अध्यापक या परिजनों को तुरंत सूचित करना चाहिए।

श्रीमति सरिता राव ने अपने संदेश में बताया कि युवा किसी भी राष्ट्र की ऊर्जा होते हैं तथा युवाओं की शक्ति का समाज एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। नशीली दवाओं के सेवन से बचने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि लोग नशीली दवाओं के खतरों के बारे में जागरूक हों। उन्होंने बच्चों को अच्छी आदतें और शारीरिक गतिविधियां अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी से प्रण करवाया कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगें।

इस अवसर पर डा. समर्थ खन्ना, डैंटल सर्जन, ने कहा कि “तुम्हें अपनी देखभाल करनी होगी। अगर कोई नशीली दवाएं ऑफर करे तो हमेशा मना कर देना। अगर तुम्हें पता चले कि कोई अवैध नशीली दवाओं में शामिल है, तो उसके माता-पिता को बताएं और उन्हें मार्गदर्शन करें कि वे दृढ़ इच्छाशक्ति और डॉक्टरों की चिकित्सा सहायता से बचा सकते हैं। कभी भी शुरू न करें या एक बार भी कोशिश न करें, क्योंकि यह एक ही कोशिश से शुरू होता है।”

डा. मीना गर्ग ने कहा कि सच्चा स्वास्थ्य और सच्ची आज़ादी तभी है जब हम शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखें। किसी भी प्रकार का नशा जीवन को कमज़ोर करता है, इसलिए इनसे दूरी बनाना ही समझदारी है।

इस अवसर पर डा. देविन्दर पाल सहगल ने बताया कि सभी विद्यार्थियों को कुछ न कुछ ऐसे शौक जरूर अपनाने चाहिए जो उन्हें अपने जीवन में संतुलन बनाए रखने और बुरी आदतों से बचने में मदद करें। छात्रों को समझाया कि नशा उनके जीवन को बर्बाद कर देगा, इसलिए नशे से बचाव में ही समझदारी है।

डा. सरोज मिगलानी ने अपने संदेश में बच्चों को ॐ के उच्चारण करने के लाभ बताए और उन्होंने बच्चों को अच्छी आदतें और शारीरिक गतिविधियां अपनाने के लिए प्रेरित किया।

श्रीमति कविता सोब्ती, मुख्य प्राध्यापिका ने आये हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

इस अवसर पर वाटिका स्पैशल स्कूल, सैक्टर 19-बी, चण्डीगढ़ से ममता गुप्ता; विनीता पंत; पुष्पा; पूजा चंदेल; चण्डीगढ़ पुलिस समावेश टीम PS 19; L/HC नीलम; Sr.Ct अनूप दुहान; L/C कुल्विंदर कौर; भारतीय सांस्कृतिक ज्ञान से कौशल शर्मा; विशव गुप्ता; नरेश कुमार गोयल; भारत भूषण; शिवम एवं अधिवक्ता उषा मानसी की प्रेरणादायक उपस्थिति रही।

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