सिरसा के नाथूसरी चौपटा थाना क्षेत्र का मामला
सिरसा/चंडीगढ़ : नाथूसरी चौपटा थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर नंबर 259 को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मंडी आदमपुर निवासी शांति देवी ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे राजकुमार जांगड़ा को झूठे मुकदमे में फंसाया गया है, जबकि वास्तविक आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
परिवार के अनुसार 19 दिसंबर 2025 की घटना के बाद राजकुमार को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन नामजद अन्य आरोपियों के खिलाफ अब तक समान और ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि जांच के दौरान तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और निष्पक्षता नहीं बरती गई।
23 जनवरी 2026 को हरियाणा के मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद एक आरोपी की गिरफ्तारी तो हुई, लेकिन अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई अभी भी अधूरी बताई जा रही है। परिवार का दावा है कि राजकुमार को गंभीर चोटें आईं और उनके इलाज को लेकर चिंता बनी हुई है।
मामले को सार्वजनिक करने के लिए पीड़ित पक्ष ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस वार्ता के दौरान पीड़ित राजकुमार जांगड़ा के बेटे कुलदीप व कृष्ण कुमार, रविंद्र जांगू तथा अमरजीत मौजूद रहे। परिवार का कहना है कि वे चार बार मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें पूर्ण न्याय नहीं मिला।
परिजनों ने कथित झूठी एफआईआर रद्द करने तथा वास्तविक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की अपील की है।
फिलहाल पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या निष्पक्ष जांच होगी या विवाद और गहराएगा।
एफआईआर 259 पर घमासान: राजकुमार जांगड़ा की गिरफ्तारी पर उठे सवाल
