मौली जगरा में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत “चौपाल” का आयोजन किया

एआईसीसी के आदेशानुसार एवं चंडीगढ़ कांग्रेस द्वारा आज विकास नगर, मौली जगरा में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत “चौपाल” का आयोजन किया गया, जिसमें दर्जनों श्रमिक और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। चौपाल में सभी उपस्थित जनों को मनरेगा के बारे में जागरूक किया गया।
चौपाम में उपस्थित सभी वक्ताओं ने इस बात पर गहन चिंता व्यक्त की के न केवल मनरेगा प्रोग्राम से महात्मा गांधी का नाम हटा दिया गया है बल्कि इसे अधिकार आधारित कार्यक्रम से हटा कर अब सरकार की मनमर्जी पर निर्भर बना दिया गया है। पहले जब भी ग्रामीण संस्थाएं एवं ग्राम पंचायतें अपने इलाके में इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर बनाने में कोई काम करवाना चाहते थे तो उनके इस अधिकार को सरकार द्वारा मानना आवश्यक था, जिससे स्थानीय लोगों को इस प्रोग्राम के तहत रोज़गार मिल जाता था। पर मोदी सरकार ने ग्रामीण संस्थाओं का यह अधिकार विभा-जीरामजी कानून बना कर समाप्त कर दिया है। वक्ताओं ने प्रोग्राम में प्रदेश सरकारों का योगदान 10 प्रतिशत से बढ़ा कर 40 किए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि इससे मनरेगा कार्यक्रम बिल्कुल निष्क्रिय हो जाएगा।
इस अवसर पर चण्डीगढ कांग्रेस ने वर्ष 2005 में बनाया गया मनरेगा कार्यक्रम बहाल करने की मांग की।

चौपाल में अच्छेलाल गौड़, कॉर्डिनेटर मनरेगा बचाओ संग्राम एवं संगठन महासचिव, जाहिद परवेज खान, महासचिव, राजीव शर्मा, महासचिव, मुकेश राय, चेयरमैन कालोनी सैल, लेख पाल, सचिव, डाक्टर रामकुमार, संयुक्त सचिव , विनय मिश्रा, ब्लाक अध्यक्ष और नसरुल्ला पूर्व ब्लाक अध्यक्ष, इन्द्रपाल, मनीष राए, विशाल मांझी और अन्य उपस्थित रहे।

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