चंडीगढ़, 23 अगस्त 2025:
चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत रामलीला ग्राउंड, विकास नगर मौली जागरण में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया। इस सभा का उद्देश्य चुनावी धांधलियों को उजागर करना और भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता की रक्षा करना था।
सभा में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और शहर भर से आए स्थानीय निवासियों की भारी भागीदारी रही। यह आयोजन उस पृष्ठभूमि में हुआ जब हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने बड़े खुलासे में आरोप लगाया कि मोदी सरकार के दबाव में चुनाव आयोग ने 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान मतदाता डेटा और प्रक्रियाओं में हेरफेर कर बीजेपी के पक्ष में नतीजे किए। इस कार्यक्रम ने कांग्रेस नेताओं और जनता को एक मंच प्रदान किया, जहाँ उन्होंने इसे “स्वतंत्र भारत के लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात” करार दिया।
राजनी पाटिल, एआईसीसी प्रभारी हिमाचल प्रदेश व चंडीगढ़
उन्होंने अपने जोशीले संबोधन में चुनाव आयोग और केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा है। मतदाता डेटा में हेरफेर की अनुमति देकर उसने लोकतंत्र की नींव को ही कमजोर कर दिया है। यह केवल चूक नहीं बल्कि जनता के साथ अपराध है। हम तत्काल जवाबदेही, पारदर्शिता और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं।”
मनीष तिवारी, सांसद चंडीगढ ने
कहा, “हमारी चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता नष्ट कर दी गई है। जब नागरिकों को भरोसा न रहे कि उनका वोट गिना जा रहा है, तब लोकतंत्र ही खतरे में है। यह केवल एक चुनाव की बात नहीं, बल्कि हमारे गणराज्य के भविष्य का सवाल है। कांग्रेस पार्टी तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक सच सामने नहीं आता और चुनाव सुधार लागू नहीं होते।”
एच.एस. लक्की, अध्यक्ष, चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी:
उन्होंने इस निर्णायक मोड़ पर लोकतंत्र की रक्षा में कांग्रेस की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “चंडीगढ़ और देश की जनता इस सच्चाई की लड़ाई में कांग्रेस के साथ खड़ी है। हम लोकतंत्र को कमजोर करने के हर प्रयास का पर्दाफाश करते रहेंगे। जनता का विश्वास चुनावी प्रक्रिया में बहाल होना चाहिए और इसके लिए जिम्मेदारों को कटघरे में लाना होगा। हमारा आंदोलन कोई राजनीतिक अवसरवाद नहीं है—यह भारत के लोकतंत्र की आत्मा की लड़ाई है।”
विदित चौधरी, एआईसीसी सचिव:
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और चंडीगढ़ की जनता के साथ एकजुटता जताई। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि हर भारतीय नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का आंदोलन है। उन्होंने चुनावी सुधारों की सख्त जरूरत, डेटा हेरफेर पर कड़ी रोक और जनता के जनादेश से छेड़छाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस जनसभा का आयोजन कॉलोनी सेल के चेयरमैन मुकेश राय और जिला कांग्रेस कमेटी मनीमाजरा के अध्यक्ष सुरजीत सिंह ढिल्लों ने किया।
सभा में जनता की जोरदार प्रतिक्रिया देखने को मिली। पूरा मैदान “वोट चोर, गद्दी छोड़” और “लोकतंत्र बचाओ, बीजेपी हटाओ” जैसे नारों से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने गुस्सा, निराशा और दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हुए साफ कहा कि अब वे चुनावी चोरी और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की साजिश बर्दाश्त नहीं करेंगे। कई लोगों ने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए कि उन्हें वोट डालने से वंचित किया गया या उनके नाम मतदाता सूची से गायब पाए गए, जिसने कांग्रेस के आरोपों को और मज़बूत किया।
कार्यक्रम के समापन पर चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने यह दोहराया कि जब तक चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं मिलती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। चंडीगढ़ कांग्रेस ने संकल्प लिया कि इस आंदोलन को हर कॉलोनी, गांव और घर-घर तक ले जाया जाएगा ताकि जनता को याद रहे कि लोकतंत्र उन्हीं का है और किसी सरकार या संस्था द्वारा हाइजैक नहीं किया जा सकता।
“यह लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं है—यह हर भारतीय नागरिक की है। हमारा संविधान, हमारा लोकतंत्र और हमारा भविष्य दांव पर है। हम पीछे नहीं हटेंगे।” — यह घोषणा चंडीगढ़ कांग्रेस ने अपने समापन वक्तव्य में की।
