प्रदर्शन को राम लीला जैसा ड्रामा बताना बना विवाद:पार्षद बोले कार्यवाही होगी तो मनोनीत पार्षदों पर भी होगी, वह वेल में कैसे आए

चंडीगढ़ नगर निगम की मेयर हरप्रीत कौर बबला की तरफ से प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को लिखे पत्र के बाद विरोधी पार्षद सामने आए हैं। उनका कहना है कि मेयर द्वारा पत्र लिखकर लगाए गए आरोपों में कुछ भी सच्चाई नहीं है। पार्षद सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी, डिप्टी मेयर तरुणा मेहता, आप पार्षद प्रेम लता, गुरप्रीत सिंह गाबी, योगेश ढींगरा, पूर्व मेयर कुलदीप ढालोद, योगेश ढींगरा, सचिन गालव,सुमन शर्मा, दर्शन रानी, दिलावर सिंह इन सब ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि मेयर की तरफ से पत्र लिखकर चार पार्षदों पर शिकायत प्रशासक को भेजती है अगर कार्रवाई हो तो शुरूआत अनिल मसीह के द्वारा वोट यानी धांधली करके करके पूरे विश्व में चंडीगढ़ का नाम धूमिल ओर शर्मसार किया था उसकी कंप्लेंट पर भी कार्रवाई होनी चाहिए और भाजपा के पार्षद पूर्व एलओपी कंवरजीत सिंह राणा ने सेक्ट्री का माइक व एजेंडा छीना और नेम प्लेट हटाई मनोनीत पार्षद भी साथ थे जो वेल में आए थे। मेयर को याद होना चाहिए कि पूर्व मेयर कुलदीप कुमार के मेयर होते के समय एक साल पहले उन्हें आपके ही भाजपा के पार्षदों ने गलत शब्द बोले थे और यहां तक कह दिया था कि बाहर आओ हम आपको देख लेंगे । इसकी शिकायत भी प्रशासक को एक साल पहले की गई थी उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

30 सितंबर की बैठक के बारे में पार्षदों ने कहा कि आरोप लगाया जा रहा है कि नगर निगम के मिनेट्स फाड़े गए हैं। हम तो झूठे मिनेट्स मानते ही नहीं हैं।

मेयर द्वारा हाउस की मीटिंग को रामलीला का नाटक को भी गलत बताया

सभी पार्षदों ने इस बात पर भी एतराज जताया है कि जिस समय वह विरोध जता रहे थे तो मेयर की तरफ से कहा गया है कि यह रामलीला की तरह ड्रामा किया जा रहा है। मेयर ने भगवान राम जी का अपमान किया है उन्होंने सनातनियों की धर्म, आस्था ओर संस्कारों का अपमान किया है ठेस पहुंचाई है। रामलीला का मंचन की विरासत को हमारे पूर्वज चलाते आ रहे है ताकि आने वाली पीढ़ी इसके राह पर चल सके लेकिन मेयर ने बोले ये शब्द निंदनीय है भाजपा ओर मेयर को माफी मांगनी चाहिए। आने वाले नगर निगम चुनाव में भगवान राम के प्रति दोगला रवैया जन जन तक उजागर करेंगे।

क्यों बढ़ा विवाद, यह है तल्खी की असल वजह

दरअसल, नगर निगम का मनीमाजरा हाउसिंग प्रोजेक्ट इस पूरे घटनाक्रम की असल वजह बना है। मेयर इसे जल्द से जल्द मंजूर करवाना चाहती है और विरोधी पार्षद इसके लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि प्रोजेक्ट को गलत ढंग से बनाया जा रहा है और इससे कुछेक विशेष लोगों को फायदा पहुंचाने का काम हो रहा है जोकि हम नहीं होने देंगे।

इसी को लेकर ही 30 सितंबर को बुलाई गई नगर निगम की बैठक हंगामेदार रही थी और पार्षदों में धक्का मुक्की के साथ साथ खूब हंगामा हुआ था।

प्रशासक को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग कर चुकी हैं मेयर

मेयर हरप्रीत कौर बबला की तरफ से सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर ओर दो पार्षदों के खिलाफ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को इसकी शिकायत दी गई है। उनकी तरफ से कहा गया है कि 30 सितंबर को हाउस की बैठक में बेहद गलत तरीके का बरताव पार्षदों की तरफ से किया गया है। जिसे कभी भी बर्दाश्त किया जा सकता है। चार पार्षदों के नाम लिखकर यह शिकायत की गई है।

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