सेक्टर 19 की मार्केट में फड़ी वाले ने दुकानदार पर हमला किया :

  • दुकानदारों व फड़ी वालों में टकराव की स्थिति से माहौल तनाव पूर्ण

चण्डीगढ़ : मार्केट कमेटी, सेक्टर 19-सी में आज एक फड़ी वाले द्वारा मार्केट के दुकानदारों के साथ दुर्व्यवहार करने से तनाव का माहौल बन गया एवं टकराव की स्थिति पैदा हो गई।

मार्केट कमेटी के अध्यक्ष विवेक जौली ने जानकारी दी कि मार्केट में आगंतुकों की सुविधा के लिए लगाए गए पावर्स (फर्श टाइल्स) को बदलने का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के दौरान, गोलगप्पे का खोखा चलाने वाले एक विक्रेता मणफूल, से बाजार के दुकानदारों द्वारा अनुरोध किया गया कि वह अपना खोखा अस्थायी रूप से हटा लें, ताकि पावर्स का कार्य सुचारू रूप से किया जा सके। प्रारंभ में उसने सहमति व्यक्त की, परंतु कई घंटे बीत जाने के बाद भी खोखा नहीं हटाया गया, जिस पर उससे पुनः अनुरोध किया गया।

इस पर मणफूल ने सहयोग करने से इंकार कर दिया और अभद्र भाषा में यह दावा किया कि वह पिछले 30 वर्षों से इस बाजार में कार्य कर रहा है और उसे हटाया नहीं जा सकता। उन्होंने प्रवर्तन कर्मचारियों एवं पुलिस के साथ कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए अनुचित टिप्पणियां भी कीं और कहा कि उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

जब दुकानदारों ने पुनः सहयोग का अनुरोध किया, तो मणफूल ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। उसने दुकानदारों के साथ गाली-गलौज की, व बक्शी ब्रदर्स, एससीओ नंबर 3 के विवेक जॉली के साथ मारपीट की तथा सब्जी काटने वाले चाकू से उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उसने जॉली पर ईंट भी फेंकी, जिससे बाजार के सदस्यों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ।

इस घटना की जानकारी मिलते ही चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव चड्ढा एवं अन्य पदाधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। फोसवैक के अध्यक्ष बलजिंदर बिट्टू तथा विभिन्न अन्य मार्केट एसोसिएशनों के सदस्य भी वहां एकत्रित हो गए।

इस शारीरिक हमले के विरोध में सभी दुकानदारों ने अपने-अपने शटर बंद कर दिए। इसके पश्चात दुकानदार सेक्टर 19 के पुलिस स्टेशन पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत स्टेशन हाउस ऑफिसर को सौंपी गई, जिन्होंने मार्केट कमेटी को आश्वासन दिया है कि उचित कार्रवाई की जाएगी।

यह भी उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में विक्रेता वेंडिंग एक्ट के कई प्रावधानों का उल्लंघन कर रहे हैं, जैसे कि:

नियमों के अनुसार अनुमत सीमा से अधिक स्थान पर कब्जा करना।

कर्मचारियों को रखना, जबकि अधिनियम के अनुसार केवल स्वयं विक्रेता ही स्टॉल चला सकता है; इनमें से अधिकांश कर्मचारी नाबालिग हैं, जिसकी पुष्टि मौके पर थानाध्यक्ष द्वारा की गई।

प्रतिदिन सामान हटाने की कानूनी बाध्यता के बावजूद रातभर सामान खोखों पर छोड़ देना।

बाजार की पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में बड़ी मात्रा में सामान भंडारण करना, जो कि एक अपराध है।

स्वच्छता के लिए कोई भी आवश्यक कदम न उठाना।

मार्केट कमेटी ने इस प्रकार के अवैध एवं हिंसक आचरण की कड़ी निंदा की है। इस तरह की घटनाएं न केवल नागरिक कार्यों में बाधा डालती हैं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था को भी भंग किया हैं और दुकानदारों व आगंतुकों की सुरक्षा को खतरे में डाला हैं। कमेटी संबंधित अधिकारियों से अनुरोध करती है कि अनुशासन बहाल करने एवं कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए।

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